जहानाबाद कहते हैं मेहनत और सही सोच मिल जाए, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा मुकाम हासिल कर लेती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है जहानाबाद जिले के मलहचक मोड़ के रहने वाले अनिल कुमार ने, जिन्होंने महज़ 10 हजार–13 हजार रुपये की छोटी ऊनी कपड़े की मशीन से अपने सफर की शुरुआत की और आज 20 लाख रुपये सालाना टर्नओवर वाला उद्योग खड़ा कर दिया है।
लुधियाना छोड़ घर पर ही बिजनेस की शुरुआत
अनिल कुमार ने बताया कि वे 14 साल तक लुधियाना में काम करते रहे, लेकिन मेहनत के बावजूद न तो मन मुताबिक पैसा मिलता था और न ही परिवार को समय। परिवार से चर्चा के बाद उन्होंने सोचा कि क्यों न घर से ही ऊनी कपड़ों का छोटा उद्योग शुरू किया जाए।
फिर क्या था—13 हजार रुपए खर्च कर एक मशीन खरीदी और परिवार के साथ मिलकर ‘अनिल गारमेंट’ की शुरुआत कर दी।
धीरे-धीरे शहर का चर्चित गारमेंट हब बना
जैसे-जैसे कपड़ों की मांग बढ़ती गई, उद्योग का विस्तार होता गया। आज अनिल गारमेंट पूरे इलाके में अपनी पहचान बना चुका है।
यहां गर्मी और सर्दी दोनों मौसम के लिए कपड़े शोरूम क्वालिटी में तैयार किए जाते हैं—
- कार्डिगन
- लेडीज ऊनी सूट
- जैकेट
- स्वेटर
- इनर वेयर
इनकी डिमांड आसपास के शहरों में भी लगातार बढ़ रही है।
38 स्कूलों की यूनिफॉर्म तैयार
आज अनिल गारमेंट 38 स्कूलों की स्कूल ड्रेस तैयार करता है। इसके कारण यह उद्योग स्थानीय मार्केट में एक विश्वसनीय नाम बन चुका है।
2500 का सूट यहां सिर्फ 1800 में
यहां से कई शोरूम भी कपड़ों का ऑर्डर लेते हैं। अनिल कुमार का कहना है कि बाहर जहां 2500 रुपये में मिलने वाला ऊनी सूट है, वह उनके यहां सिर्फ 1800 रुपये में उपलब्ध हो जाता है।
कम कीमत में बेहतर गुणवत्ता ही उनकी बढ़ती लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण है।
20 लाख रुपये का सालाना कारोबार
अनिल कुमार बताते हैं,
“1999 में एक छोटी मशीन से शुरुआत की थी। आज 14 तरह के कपड़े तैयार करते हैं। हम लेडीज और जेंट्स के तमाम प्रकार के गर्म कपड़े बनाते हैं। अभी साल भर का बिजनेस 20 लाख रुपये तक पहुंच गया है। मैट्रिक पास थे, समझ नहीं आता था क्या करें… तो यही शुरू किया और आज ये हमारा सपना बन चुका है।”
अनिल कुमार का यह सफर न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि इस बात का प्रमाण भी है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत से हर सपना पूरा किया जा सकता है।
Jehanabad News: The clothing industry began with 10,000 rupees and reached 2 million. Jehanabad’s journey from struggle to success.
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












