जैसलमेर में एसी स्लीपर बस में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में 20 लोगों की मौत हुई। सीएम भजनलाल मौके पर पहुंचे, पीएम मोदी ने जताया शोक।
Jaisalmer Bus Tragedy: 20 Dead, CM Bhajanlal Visits Site, DNA Tests to Identify Victims

जैसलमेर बस हादसे में 20 लोगों की दर्दनाक मौत
शॉर्ट सर्किट से लगी आग में बस बनी मौत का जाल
राजस्थान के जैसलमेर में मंगलवार दोपहर एक ऐसा भयावह दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे देश को हिला दिया।
जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर थईयात गांव के पास एक निजी एसी स्लीपर बस में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते बस आग के गोले में बदल गई। इस हादसे में 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना दोपहर करीब 3:30 बजे की बताई जा रही है। बस जैसलमेर से जोधपुर जा रही थी और उसमें कुल 57 यात्री सवार थे।
मृतकों में दो बच्चे और चार महिलाएं भी शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में कोहराम मच गया और ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे की भयावह तस्वीर: बस में मची चीख-पुकार
हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस के पीछे के हिस्से से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं।
शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी ने बस में रखे पटाखों को आग लगा दी। चंद मिनटों में ही पूरी बस धू-धू कर जलने लगी।
आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को बस से बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
एक चश्मदीद कस्तूर सिंह ने बताया,
“आग लगने के बाद बस का गेट जाम हो गया था। अंदर से लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन दरवाजा खुल नहीं रहा था। सेना के जवानों ने जेसीबी की मदद से दरवाजा तोड़ा और अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।”
इस दौरान कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से झुलसे।
20 मौतों की पुष्टि, कई घायलों की हालत गंभीर
पोकरण विधायक प्रताप पुरी ने हादसे में 20 लोगों की मौत की पुष्टि की है।
जिला प्रशासन के अनुसार, करीब 16 घायलों को 70 प्रतिशत तक झुलसने की वजह से जोधपुर के मथुरादास अस्पताल में रेफर किया गया है।
बाकी घायलों का उपचार जैसलमेर के जवाहर अस्पताल में चल रहा है।
जैसलमेर कलेक्टर प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक आठ मृतकों की पहचान हो पाई है।
उन्होंने कहा,
“सभी मृतक राजस्थान के ही निवासी हैं। कुछ शव इतनी बुरी तरह जले हैं कि उनकी पहचान केवल डीएनए मिलान के माध्यम से ही संभव होगी। मृतकों के परिजनों से डीएनए सैंपल देने की अपील की गई है।”
बस में पटाखों से बढ़ी आग, चालक कूदकर बचा
जांच में यह भी सामने आया है कि बस में पटाखे परिवहन किए जा रहे थे।
आग लगने का कारण बस के पिछले हिस्से में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, जिससे चिंगारी पटाखों तक पहुंची और आग तेजी से फैल गई।
बस चालक ने जैसे ही आग देखी, वह अपनी सीट से कूद गया और बाल-बाल बच गया।
स्थानीय लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी भीषण थीं कि कोई प्रयास कारगर नहीं हुआ।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
सेना और ग्रामीणों ने मिलकर किया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे का स्थान जैसलमेर के वार म्यूजियम के पास था, इसलिए पास में मौजूद सेना के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे।
उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
सेना के जवानों ने जेसीबी से बस का दरवाजा तोड़ा और यात्रियों को बाहर निकालने का काम किया।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि कुछ यात्री बस से बाहर निकलने में कामयाब हुए, लेकिन कई लोग अंदर ही फंस गए।
इस बीच प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य तेज किया गया।
सीएम भजनलाल शर्मा और मंत्री शेखावत मौके पर पहुंचे
Rajasthan CM Bhajanlal Sharma tweets, "Reached Mahatma Gandhi Hospital in Jodhpur and met with the people injured in the Jaisalmer bus accident and their families. After inquiring about their treatment status from the doctors, I instructed them to ensure all possible medical… pic.twitter.com/tg2u28xDcV
— ANI (@ANI) October 14, 2025
हादसे की खबर मिलते ही राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने तुरंत कदम उठाया।
दोनों नेता विशेष विमान से जैसलमेर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
सीएम शर्मा ने अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि
“घायलों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पीड़ितों को हरसंभव सहायता दी जाए।”
बाद में सीएम और शेखावत जोधपुर भी पहुंचे, जहां गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों से मुलाकात की।
पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख, राहत राशि की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक जताया।
उन्होंने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा —
“जैसलमेर बस हादसा बेहद दर्दनाक है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों और घायलों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री राहत कोष से
- प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख की सहायता दी जाएगी,
- जबकि घायलों को ₹50 हजार का मुआवजा दिया जाएगा।
विपक्ष और नेताओं ने जताया शोक
हादसे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर दुख जताया।
उन्होंने लिखा —
“जैसलमेर बस हादसे की खबर अत्यंत दुखद है। मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।”
वहीं प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने भी कहा कि राज्य सरकार को पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि बस मालिकों और ऑपरेटरों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।
प्रशासन ने शुरू की जांच, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
राज्य सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं।
जैसलमेर प्रशासन की ओर से एक विशेष जांच समिति गठित की गई है, जो यह पता लगाएगी कि
- बस में पटाखे कैसे ले जाए जा रहे थे,
- क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था,
- और क्या बस मालिक या चालक की कोई लापरवाही थी।
प्राथमिक जांच में पाया गया कि बस में सुरक्षा उपकरण जैसे फायर एक्सटिंग्विशर नहीं थे।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार अब निजी बस ऑपरेटरों की जांच करने जा रही है।
मृतकों की पहचान डीएनए जांच से होगी
कई शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि पहचान संभव नहीं हो पा रही है।
प्रशासन ने डीएनए टेस्ट के माध्यम से पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मृतकों के परिजनों को जिला अस्पताल बुलाकर उनके डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं।
कलेक्टर प्रताप सिंह ने कहा कि पहचान पूरी होते ही शव परिजनों को सौंपे जाएंगे और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
निष्कर्ष: सुरक्षा लापरवाही से फिर दोहराई गई त्रासदी
जैसलमेर बस हादसा एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि सड़क परिवहन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस तरह जनहानि का कारण बनती है।
एक तरफ जहां तकनीकी खराबी (शॉर्ट सर्किट) को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बस में पटाखे ले जाने जैसी लापरवाही ने स्थिति को और भयावह बना दिया।
राज्य सरकार ने राहत और मुआवजे की घोषणा कर दी है, लेकिन असली सवाल यही है —
क्या अब भी हमारे परिवहन सिस्टम में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी?
20 निर्दोष जिंदगियों की यह कीमत शायद हमें याद दिलाती रहेगी कि सावधानी ही सुरक्षा है।
जैसलमेर बस हादसा, बस में आग, सीएम भजनलाल शर्मा, पीएम मोदी शोक संदेश, डीएनए जांच, राजस्थान समाचार, जोधपुर अस्पताल
यह भी पढ़े: TRAI ने जारी किए नए सिम कार्ड Rule, अब नहीं करवाना पड़ेगा महंगा रिचार्ज, यहां देखें पूरी डिटेल्स
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












