पटना में डेंगू का कहर बढ़ रहा है। अब तक 624 मरीज मिले, 8 वार्ड हॉटस्पॉट बने। नगर निगम ने 375 टीमें तैनात कर एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग तेज की।
Dengue in Patna: 624 Cases, 8 Wards Hotspot, 375 Teams Deployed
प्रस्तावना: डेंगू का खतरा और बढ़ता प्रकोप
राजधानी पटना इस समय डेंगू (Dengue) के बढ़ते मामलों से जूझ रही है। इस वर्ष अब तक 624 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है और हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। शहर के आठ वार्डों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है, जहां संक्रमण तेजी से फैल रहा है। नगर निगम ने स्थिति को संभालने के लिए 375 टीमों को तैनात किया है, जो दो पालियों में एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग कर रही हैं।
डेंगू मामलों की ताज़ा स्थिति
आंकड़ों की नज़र से
- कुल मरीज: 624
- हॉटस्पॉट वार्ड: 8
- प्रभावित स्थल: लगभग दो दर्जन
- निगम की टीमें: 375 (दो-दो कर्मियों के साथ)
इन टीमों का लक्ष्य है कि संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जाए और मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोका जा सके।
नगर निगम की बड़ी तैयारी
हर वार्ड में पांच-पांच टीमें
नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर के अनुसार हर वार्ड में पांच टीमें एंटी-लार्वा छिड़काव के लिए तैनात हैं। जहां जलभराव और शिकायतें ज्यादा मिल रही हैं, वहां अतिरिक्त टीम भी लगाई गई है।
फॉगिंग और छिड़काव
- फॉगिंग के लिए मेलाथियोन (Malathion) केमिकल का उपयोग किया जा रहा है।
- एंटी-लार्वा छिड़काव में टेमिफोस (Temephos) मिलाया जा रहा है।
- रोजाना लगभग 18 हजार घरों में टीमें पहुंच रही हैं।
अस्पतालों के लिए विशेष इंतज़ाम
मरीजों के घरों के आसपास फॉगिंग
डेंगू से प्रभावित मरीजों के घर के 500 मीटर के दायरे में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यहां मशीनों से बाहर फॉगिंग और हैंड-हेल्ड मशीन से घरों के भीतर छिड़काव किया जाता है।
अस्पतालों के लिए विशेष टीम
- 25 कर्मियों की टीम अस्पतालों में तैनात है।
- इन टीमों का काम है रोजाना अस्पताल परिसर और उसके आसपास छिड़काव और फॉगिंग करना।
अंचलवार फॉगिंग गाड़ियों की तैनाती
नगर निगम ने फॉगिंग गाड़ियों को अलग-अलग अंचलों में बांटा है:
- पाटलिपुत्र अंचल – 13 गाड़ियां
- नूतन राजधानी अंचल – 12 गाड़ियां
- अजीमाबाद अंचल – 7 गाड़ियां
- पटना सिटी अंचल – 6 गाड़ियां
- कंकड़बाग अंचल – 10 गाड़ियां
- बांकीपुर अंचल – 9 गाड़ियां
हॉटस्पॉट इलाकों में कड़ी निगरानी
पाटलिपुत्र अंचल
बोरिंग रोड, राजापुर पुल, इंद्रपुरी, आशियाना
बांकीपुर अंचल
मुसल्लहपुर घाट, सुलतानगंज, बाजार समिति, संदलपुर
नूतन राजधानी अंचल
तारामंडल, सिपारा, मीठापुर, अनिसाबाद
अजीमाबाद अंचल
अगमकुआं, एनएमसीएच एरिया, बजरंगपुरी
इन क्षेत्रों को लगातार फॉगिंग और छिड़काव से कवर किया जा रहा है ताकि संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके।
नागरिकों की भूमिका और शिकायत व्यवस्था
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि डेंगू नियंत्रण सिर्फ सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। नागरिकों को भी सतर्क रहना होगा।
- घर की छत, गमले और अंडर-कंस्ट्रक्शन जगहों पर पानी जमा न होने दें।
- टोल-फ्री नंबर 155304 पर शिकायत दर्ज कराएं।
- निगम टीम को घर में फॉगिंग और छिड़काव के लिए सहयोग दें।
सभी सेक्टरों में एंटी-लार्वा टीम को लॉग बुक दिया गया है, जिसमें हर घर का फीडबैक दर्ज किया जाता है।
डेंगू से बचाव के उपाय
व्यक्तिगत स्तर पर
- पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
- मच्छरदानी और रिपेलेंट का प्रयोग करें।
- घर और आसपास पानी न जमने दें।
सामुदायिक स्तर पर
- मोहल्ले की सफाई अभियान में भाग लें।
- निगम की टीम को सहयोग करें।
- स्कूल और कार्यालय परिसर में पानी की टंकियों को नियमित साफ करें।
डेंगू क्यों है खतरनाक?
डेंगू मच्छर के काटने से फैलने वाला वायरस है, जो खून में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घटाता है।
- शुरुआती लक्षण: तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द।
- गंभीर स्थिति: प्लेटलेट्स का स्तर घटने पर ब्लीडिंग और डेंगू हैमरेजिक फीवर का खतरा।
- सही समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी हो सकता है।
निष्कर्ष: सामूहिक प्रयास से ही होगा नियंत्रण
पटना में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और प्रशासन ने 375 टीमों के जरिए कड़ा अभियान शुरू किया है। लेकिन डेंगू पर काबू पाने के लिए सरकारी प्रयास और नागरिकों की सतर्कता दोनों जरूरी हैं। अगर लोग अपने घर और आसपास पानी जमा न होने दें और समय पर शिकायत दर्ज करें, तो डेंगू की चेन को तोड़ना आसान होगा।
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Author: AK
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