हिमाचल प्रदेश के मंडी में मूसलधार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति। तीन की मौत, दुकानें-बसें बहीं, जनजीवन अस्त-व्यस्त।
Himachal Mandi Rain Havoc: Floods and Landslides Wreak Havoc
हिमाचल प्रदेश में मंडी की बारिश: बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही
#WATCH | Himachal Pradesh: Last night, heavy rain lashed the Mandi district, causing major destruction in Dharampur town. Many vehicles were swept away.
— ANI (@ANI) September 16, 2025
(Source: Police) pic.twitter.com/AlJUarMO0H
प्रस्तावना
हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता अक्सर पर्यटकों को आकर्षित करती है, लेकिन बरसात का मौसम यहां के लोगों के लिए चिंता का कारण बन जाता है। इस बार भी मंडी जिले में मूसलधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। धर्मपुर से लेकर निहरी तक, हर क्षेत्र में बारिश की मार ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया।

मंडी जिले में तबाही का मंजर
धर्मपुर में बस अड्डा जलमग्न
धर्मपुर का बस अड्डा बारिश के पानी में पूरी तरह डूब गया। वहां खड़ी कई बसें और वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए। स्थानीय बाजार में दर्जनों दुकानें और स्टॉल बहाव की चपेट में आ गए। घरों में घुटनों तक पानी भर गया और लोगों का सामान बर्बाद हो गया।
निहरी तहसील में भूस्खलन से तीन मौतें
निहरी तहसील के ब्रगटा गांव में देर रात भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ। इस हादसे में दो महिलाओं और आठ माह के मासूम बच्चे की मौत हो गई। प्रशासन ने प्रभावित परिवार को राहत सामग्री और अस्थायी आवास उपलब्ध कराया।
सड़कों और पुलों का टूटना
लगातार बारिश से मंडी जिले की कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। छोटे-छोटे पुल बह गए और कई मार्ग मलबे से भर गए। मंडी-कुल्लू हाईवे पर जगह-जगह भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात ठप हो गया। यात्रियों को घंटों सड़क पर फंसा रहना पड़ा।
प्रशासन की चुनौतियाँ और राहत कार्य
आपदा प्रबंधन टीम की तैनाती
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। आपदा प्रबंधन टीम, पुलिस और एसडीआरएफ को मौके पर तैनात किया गया है, लेकिन मौसम बिगड़ने से कार्य की रफ्तार धीमी है।
लापता लोगों की तलाश
प्रशासन ने जानकारी दी है कि अब तक आधा दर्जन लोग लापता बताए गए हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम लगातार प्रयास कर रही है।
बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की बरसात ने कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अचानक आई बाढ़ से कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। धर्मपुर बाजार की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें टूटी दुकानें, बह चुके वाहन और कीचड़ से भरी गलियां साफ दिखाई दे रही हैं।
विशेषज्ञों की राय: जलवायु परिवर्तन का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि हिमाचल प्रदेश में आपदाओं की आवृत्ति बढ़ने के पीछे जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान बड़ी वजह हैं। लगातार हो रही मूसलधार बारिश पहाड़ों की नाजुक पारिस्थितिकी के लिए खतरे का संकेत है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई और प्रशासन को तुरंत राहत कार्यों में जुटने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अपील की है कि लोग मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लें और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
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Author: AK
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