पटना में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 5 युवकों की मौत। तेज रफ्तार कार ट्रक में जा घुसी, गैस कटर से काटकर शव निकाले गए।
Bihar Road Accident: Five Youths Killed in Patna Car-Truck Collision
प्रस्तावना
बिहार में सड़क हादसों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से आए दिन लोगों की जान जा रही है। हाल ही में पटना में एक भीषण सड़क हादसे ने पांच परिवारों को हमेशा के लिए मातम में डुबो दिया। बुधवार देर रात पटना-सिपारा रोड पर हुई इस दुर्घटना में 20 से 25 साल के पांच युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना खतरनाक था कि कार पूरी तरह पिचक गई और शवों को बाहर निकालने के लिए गैस कटर और जेसीबी मशीन का इस्तेमाल करना पड़ा।
हादसा कैसे हुआ?
तेज रफ्तार बनी मौत का कारण
जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा परसा बाजार थाना इलाके के सुविधा गांव के पास हुआ।
- मसौढ़ी की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार पटना की तरफ जा रही थी।
- रात करीब 11:30 से 12 बजे के बीच कार ने ट्रक के पिछले हिस्से में जोरदार टक्कर मार दी।
- टक्कर इतनी भयानक थी कि कार का अगला हिस्सा ट्रक में बुरी तरह फंस गया।
थाना अध्यक्ष मेनका रानी के मुताबिक, कार की रफ्तार बहुत अधिक थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।
मृतकों की पहचान
पुलिस जांच में पता चला कि हादसे में मारे गए युवकों की पहचान इस प्रकार हुई:
- राजेश कुमार – निवासी कुर्जी, पटना
- संजय कुमार सिन्हा
- कमल किशोर
- प्रकाश चौरसिया
- सुनील कुमार
इनकी उम्र 20 से 25 साल के बीच बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही इनके परिवार में कोहराम मच गया।
शव निकालने में लगी मशक्कत
कार और ट्रक के बीच टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि शव गाड़ी के अंदर बुरी तरह फंस गए थे।
- पुलिस और स्थानीय लोग लंबे समय तक शव निकालने की कोशिश करते रहे।
- आखिरकार गैस कटर और जेसीबी मशीन की मदद से कार को काटा गया।
- उसके बाद पांचों शवों को बाहर निकाला जा सका।
यह दृश्य बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक था।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद चीख-पुकार का माहौल बन गया।
- कार पूरी तरह पिचक चुकी थी।
- पांचों शव क्षत-विक्षत अवस्था में ट्रक के नीचे दबे थे।
- लोग डर और दुख से सहम गए थे।
कई ग्रामीणों ने कहा कि इस सड़क पर अक्सर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं, जिसके कारण यहां दुर्घटनाएं आम हो गई हैं।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) भेज दिया।
जांच के दौरान कार में एक मोबाइल फोन लगातार बज रहा था।
- पुलिस ने कॉल रिसीव किया तो दूसरी तरफ से एक महिला ने खुद को कुर्जी इलाके की निवासी बताया।
- उसी कॉल के आधार पर मृतकों की पहचान कराई गई।
सड़क हादसों की बढ़ती समस्या
बिहार में हालात
बिहार में सड़क हादसे नई बात नहीं हैं। नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर अक्सर तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी के कारण मौतें हो रही हैं।
- परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं।
- विशेष रूप से पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे बड़े शहरों में हादसों की संख्या ज्यादा है।
कारण क्या हैं?
- तेज रफ्तार गाड़ियां
- शराब पीकर गाड़ी चलाना
- सड़क पर रोशनी और संकेतकों की कमी
- ट्रैफिक नियमों की अनदेखी
परिवारों का मातम
हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के घरों तक पहुंची, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
- कुछ माता-पिता बेहोश हो गए।
- रिश्तेदारों और पड़ोसियों की भीड़ जुट गई।
- पांचों युवकों की कम उम्र ने इस हादसे को और भी ज्यादा दुखद बना दिया।
सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल
ऐसे हादसे यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि आखिर सड़क सुरक्षा को लेकर हम कितने लापरवाह हैं।
जरूरी कदम
- ट्रैफिक पुलिस को और सख्त होना होगा।
- हाईवे पर सीसीटीवी और स्पीड कैमरे लगाए जाने चाहिए।
- युवाओं को जागरूक करने के लिए रोड सेफ्टी अभियान चलाना जरूरी है।
विशेषज्ञों की राय
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोग गति सीमा का पालन करें, सीट बेल्ट लगाएं और नशे की हालत में गाड़ी न चलाएं, तो ऐसे हादसों की संख्या काफी हद तक कम हो सकती है।
निष्कर्ष
पटना का यह हादसा फिर से यह याद दिलाता है कि सड़क पर लापरवाही की एक गलती पूरे परिवार को उजाड़ सकती है। पांचों युवकों की दर्दनाक मौत से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरा समाज सदमे में है।
अब समय आ गया है कि सरकार, पुलिस और आम नागरिक मिलकर सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें। तभी हम भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे।
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Author: AK
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