जहानाबाद। स्थानीय एस.एस. कॉलेज में आज दिनांक 28 अगस्त 2025 को भूगोल विभाग एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में “दूरसंवेदी तकनीक और भौगोलिक सूचना प्रणाली के लिए डेटा के श्रोत” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।
डॉ. पिन्टु कुमार का मुख्य व्याख्यान
इस अवसर पर मगध विश्वविद्यालय भूगोल विभाग के वरीय सहायक प्राध्यापक एवं दूरसंवेदी तकनीक और जीआईएस केन्द्र के समन्वयक डॉ. पिन्टु कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि स्थानिक और गैर-स्थानिक डेटा श्रोतों के सदुपयोग से मानवीय जीवन और भी सुविधाजनक हो गया है। इन तकनीकों के द्वारा मौसम पूर्वानुमान, कृषि, खनिज व जल स्रोतों की खोज सरल हुई है, वहीं नगर योजना, भूमि उपयोग, संसाधन प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और विपणन में इसकी उपयोगिता सार्थक सिद्ध हुई है।
अन्य वक्ताओं के विचार
भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. स्नेहा स्वरूप ने अपने व्याख्यान में दूरसंवेदी तकनीक और जीआईएस के विभिन्न श्रोतों पर प्रकाश डालते हुए इस क्षेत्र में हुई नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति की जानकारी दी।
इस अवसर पर वित्तेक्षक डॉ. विनोद कुमार राय, प्रो. प्रवीण दीपक और डॉ. सीमा कुमारी ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का महत्व
कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर विषय संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
Jehananbad S.S. College organized a special lecture on remote sensing technology and GIS
Author: AK
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