जहानाबाद/घोसी। पति की लंबी आयु और अखंड सुहाग की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ निर्जला तीज व्रत संपन्न किया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हर घर में धार्मिक माहौल रहा और परंपरागत अनुष्ठानों की गूंज सुनाई दी।
सुबह स्नान-ध्यान के बाद महिलाएँ मंदिरों और नदी तटों पर एकत्रित हुईं, जहां भक्ति गीत गाते हुए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। दिनभर मंदिरों में महिलाओं की भीड़ रही। सोलह श्रृंगार से सजी महिलाएँ कथा-श्रवण और पूजन में लीन दिखीं। कई घरों में मिट्टी और बालू से शिव-पार्वती एवं गणेश जी की प्रतिमाएं बनाकर आराधना की गई। कुछ परिवारों में ब्राह्मणों को आमंत्रित कर पारंपरिक कथा और आरती का आयोजन भी किया गया।
व्रत के दौरान चौकी पर गणेश, पार्वती और भोलेनाथ की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। सर्वप्रथम गणेश पूजन, तत्पश्चात माता पार्वती को सुहाग का जोड़ा और श्रृंगार सामग्री अर्पित की गई। तीज व्रत की पौराणिक कथा भी सुनाई गई, जिसमें बताया गया कि माता पार्वती ने बचपन से ही भगवान शिव को पति रूप में पाने का संकल्प लिया और कठोर तपस्या के बाद भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया को व्रत कर उन्हें वर रूप में पाया।
मौके पर स्वीटी कुमारी, जुली कुमारी और कामिनी कुमारी ने कहा कि यह पर्व केवल व्रत और पूजा का ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की गहराई और उसकी अनवरत परंपरा का प्रतीक है। स्वीटी कुमारी ने कहा – “तीज हमें यह सिखाता है कि जीवन में प्रेम, विश्वास और समर्पण ही संबंधों की असली नींव है। यही धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराएं भारत की सांस्कृतिक धरोहर को युगों-युगों से अखंड और उज्ज्वल बनाए हुए हैं।”
अंत में शिव-पार्वती की आरती के साथ तीज व्रत की पूर्णाहुति हुई और घर-घर में मंगलकामनाओं का माहौल छा गया।
Jehanabad News: Married women kept Nirjala Teej fast for unbroken marital bliss, every house resonated with the worship of Shiva-Parvati
Author: AK
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