रवि, अप्रैल 12, 2026

आपदा का कहर: एक बार फिर जम्मू कश्मीर में बादल फटने से भारी तबाही, तीन लोगों की मौत, चार लापता, रेस्क्यू जारी

Wreck of disaster: huge devastation due to cloud burst in Jammu and Kashmir

एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की घटना हुई है। आज सुबह जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में बादल फटने से भीषण तबाही मच गई। अचानक आए सैलाब और मलबे में कई घर दब गए, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4 लोग लापता बताए जा रहे हैं। भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण कई मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है, कुछ घर पूरी तरह से बह गए हैं। प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। रेस्क्यू टीमें प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी राहत केंद्र स्थापित किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। बता दें कि 14 अगस्त को चिसोती में बादल फटने से 65 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर तीर्थयात्री थे और 100 से अधिक घायल हो गए थे। तीन दिन बाद कठुआ जिले में अचानक आई बाढ़ में पांच बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए, जबकि मंगलवार को रियासी जिले में वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन में 34 तीर्थयात्रियों की जान चली गई और 20 अन्य घायल हो गए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किश्तवाड़ जिले के चिसोती गांव में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए 24 अगस्त को जम्मू का दौरा किया था। रामबन में इस साल की दूसरी बड़ी आपदा है। इससे पहले अप्रैल 2025 में भी बादल फटने की घटना में तीन लोगों की जान गई थी और सैकड़ों लोग प्रभावित हुए थे।

उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर में बादल फटने से पांच लोगों की हुई मौत

उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर में शुक्रवार को बादल फटने की घटनाएं हुईं। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई और 11 लापता हैं। बागेश्वर के कपकोट में कई घरों को भी नुकसान हुआ है। हिमाचल प्रदेश में मंडी के गोहर में शुक्रवार देर रात बादल फटा था। नांडी पंचायत में नसेंणी नाला में कई गाड़ियां बह गईं। शिमला के जतोग कैंट में लैंडस्लाइड हुआ। सेना की रेसीडेंशियल बिल्डिंगों को खाली कराया गया। बिहार में 32 जिलों में आज तेज बारिश का यलो अलर्ट है। साथ ही तेज हवा भी चल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, 1 सितंबर से मानसून की एक्टिविटी और तेज होगी। शुक्रवार को पटना और सीवान में बारिश हुई। वहीं, उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से बिहार में भी गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। पटना में मुंगेर में गंगा का जलस्तर वॉर्निंग लेबल 38.33 मीटर से लगभग 59 सेंटीमीटर ऊपर है।

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Author: AK

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