Legendary Bollywood Actor Manoj Kumar Passes Away at 87
बॉलीवुड ने खोया एक महानायक: ‘भारत कुमार’ का निधन
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार अब इस दुनिया में नहीं रहे। 87 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्हें देशभर में ‘भारत कुमार’ के नाम से जाना जाता था। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
निधन का कारण और उनकी तबीयत
मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, 4 अप्रैल 2025 की सुबह 4:03 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। निधन का मुख्य कारण दिल का दौरा बताया गया है। साथ ही, पिछले कुछ महीनों से वह डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस से भी जूझ रहे थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 21 फरवरी 2025 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
24 जुलाई 1937 को जन्मे हरिकिशन से बने ‘मनोज कुमार’
मनोज कुमार का असली नाम हरिकिशन गिरि गोस्वामी था। उनका जन्म 24 जुलाई 1937 को ऐबटाबाद (अब पाकिस्तान) में हुआ था। विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया और दिल्ली में बस गया। बचपन से ही उन्हें सिनेमा का शौक था और अशोक कुमार, दिलीप कुमार और कामिनी कौशल से प्रभावित होकर उन्होंने अपना नाम बदलकर मनोज कुमार रख लिया।
फिल्मी करियर: ‘फैशन’ से ‘क्रांति’ तक का सफर
मनोज कुमार ने अपने करियर की शुरुआत 1957 में आई फिल्म ‘फैशन’ से की। 1960 में आई ‘कांच की गुड़िया’ में उन्हें बतौर लीड एक्टर पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘उपकार’, ‘पत्थर के सनम’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘संन्यासी’ और ‘क्रांति’ जैसी सुपरहिट फिल्में दीं। उनकी अधिकतर फिल्मों में उनका किरदार ‘भारत कुमार’ के रूप में जाना जाता था, जिससे वह देशभक्ति के प्रतीक बन गए।
लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर बनाई ‘उपकार’
1965 में भारत-पाक युद्ध के बाद प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने मनोज कुमार से युद्ध और किसानों पर फिल्म बनाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने ‘जय जवान जय किसान’ के नारे पर आधारित फिल्म ‘उपकार’ बनाई, जो बड़ी हिट साबित हुई। दुर्भाग्यवश, शास्त्री जी इसे देख नहीं सके। इस फिल्म ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई।
सम्मान और उपलब्धियां
मनोज कुमार को सात फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले, जिनमें 1968 में ‘उपकार’ के लिए बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट स्टोरी और बेस्ट डायलॉग का अवॉर्ड शामिल है। 1992 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया, और 2016 में उन्हें भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान ‘दादा साहेब फाल्के पुरस्कार’ से नवाजा गया।
अंतिम विदाई
मनोज कुमार की अंतिम यात्रा मुंबई में निकाली जाएगी, जहां बॉलीवुड और राजनीतिक जगत की कई बड़ी हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि देंगी। उनका योगदान भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम युग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
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Author: AK
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