
Bihar’s Braveheart Manish Kumar Tiwari Martyred at India-Pak Border, Mortal Remains to Reach Village This Evening; Mourning Grips the Entire Village
भारत-पाक सीमा पर जम्मू कश्मीर के राजौरी में सोमवार की अहले सुबह आतंकवादी हमले में बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के तिवारी चफवा गांव निवासी मनीष कुमार तिवारी शहीद हो गए। मनीष की शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव शोक में डूब गया और उनके परिवार में गहरा दुख छा गई है। इस घटना की सूचना मिलते हीं शहीद के परिजनों को सांत्वना देने के लिए गांव में लोगों का तांता लग गया।
घात लगाए आतंकवादियों ने किया था हमला
मिली जानकारी के मुताबिक, मनीष कुमार तिवारी भारतीय सेना के एयर डिफेंस यूनिट में हवलदार के पद पर तैनात थे और वह जम्मू कश्मीर के राजौरी में भारत-पाक सीमा पर ड्यूटी दे रहे थे। सोमवार की सुबह जब मनीष अपनी ड्यूटी पूरी कर यूनिट की तरफ लौट रहे थे, तभी घात लगाए आतंकवादियों ने उन पर हमला किया। इस हमले में मनीष कुमार तिवारी शहीद हो गए।
पार्थिव शरीर की वापसी की तैयारी
मनीष की शहादत की सूचना सोमवार को करीब 12:00 बजे एयर डिफेंस यूनिट के जेए द्वारा उनके पिता मार्कंडेय तिवारी को दी गई। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शहीद के शव को सैनिक सम्मान के साथ उनके घर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। पार्थिव शरीर आज मंगलवार देर शाम तक घर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
बता दें कि शहीद मनीष कुमार ने सेना में की 13 वर्षों की सेवा
दी है। उन्होंने 13 साल पहले सेना के एयर डिफेंस यूनिट में अपनी सेवा शुरू की थी। उनकी तैनाती के दौरान वह कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश सेवा में लगे रहे। पिछले पांच महीनों से उनकी यूनिट को ग्वालियर से स्थानांतरित कर जम्मू कश्मीर के राजौरी में तैनात किया गया था। उनके पिता मार्कंडेय तिवारी भी भारतीय सेना के एयर डिफेंस यूनिट में तैनात रह चुके हैं और सेवानिवृत्त होने के बाद अपने गांव में खेती-बाड़ी का काम करते हैं।
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












