
कई दिनों से विपक्ष उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को हटाने के लिए मोर्चा खोले हुए है। विपक्ष के द्वारा लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जगदीप धनखड़ ने भी चुनौती दी है। शुक्रवार को संसद का शीतकालीन सत्र शुरू से हंगामेदार रहा है, लेकिन अगले दो दिन काफी अहम होने वाले हैं। आज और कल संविधान के अंगीकरण की 75वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा शुरू हो गई है । दरअसल, विपक्ष ने सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। इसके खिलाफ भाजपा सांसद राधामोहन दास अग्रवाल ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया।
इसी पर कार्यवाही शुरू होते ही राज्यसभा में हंगामा मच गया। अध्यक्ष जगदीप धनखड़ ने अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विपक्ष पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं, झुकने वाला नहीं हूं। धनखड़ के बयान के बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आप अगर किसान के बेटे हैं तो मैं भी मजदूर का बेटा हूं। उन्होंने कहा कि संसद में सभी को बोलने का मौका मिलना चाहिए। वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई बड़े नेता और मंत्री शुक्रवार को संसद पहुंचे और संसद हमले के 23 साल पूरे होने पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।
संसद हमले के 23 साल पूरे होने पर संसद में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू समेत कई नेताओं ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि ने सभी को 13 दिसंबर 2001 को भारतीय संसद पर हुए भीषण आतंकी हमले की याद दिला दी। याद रहे कि 13 दिसंबर 2001 को ही जगदीश, मतबर, कमलेश कुमारी; दिल्ली पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक नानक चंद और रामपाल, दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश, बिजेंद्र सिंह और घनश्याम और सीपीडब्ल्यूडी के माली देशराज ने आतंकवादी हमले के खिलाफ संसद की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।
Author: AK
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