
नीट यूजी पेपर लीक मामले में देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए एनटीए को जमकर लताड़ लगाई है। सर्वोच्च न्यायालय ने एनटीए को नोटिस जारी करके 8 जुलाई तक जवाब मांगा था। वहीं, सुनवाई के दौरान आज भी कोर्ट ने आज भी केंद्र सरकार और एनटीए को नोटिस जारी कर धांधली के मामले में जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी की ओर से 0.001 प्रतिशत लापरवाही हुई है तो इससे पूरी तरह निपटा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि बच्चों की मेहनत को भूल नहीं सकते। वहीं, सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक तौर पर एनटीए को कहा, कल्पना कीजिए कि सिस्टम के साथ धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति डॉक्टर बन जाता है, वह समाज के लिए ज्यादा हानिकारक होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि है इस मामले पर अगली सुनवाई अब 8 जुलाई को होगी।



वहीं रविवार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि अगर वे 2024 राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट)के संचालन में अनियमितताओं के दोषी पाए जाते हैं, तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले 11 जून को तीन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने NTA को नोटिस जारी किया था और काउंसलिंग प्रक्रिया रोकने से इनकार कर दिया था। 13 जून को सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा था कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 कैंडिडेट के स्कोरकार्ड निरस्त होंगे। और बिना ग्रेस मार्क्स के स्कोर कार्ड जारी किए जाएंगे। 4 जून को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने NEET का रिजल्ट घोषित किया था। पहली बार ऐसा हुआ है जब 67 कैंडिडेट को 720 में से 720 नंबर मिले हैं।
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Author: AK
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