राहुल गांधी ने मां सोनिया की कर्मभूमि से चुनाव मैदान में उतरकर प्रियंका के लिए भी तैयार की सियासी जमीन

उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट एक बार फिर हाईप्रोफाइल हो गई है। शुक्रवार, 3 मई को राहुल गांधी के नामांकन करने के बाद प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश जागृत हो गया है। अमेठी सीट से सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र प्रतिनिधि रहे किशोरी लाल शर्मा चुनाव लड़ रहे हैं । कांग्रेस 2014 के लोकसभा चुनाव में यूपी की दो सीटें ही जीत सकी थी- रायबरेली और अमेठी। 2019 में कांग्रेस 80 सीटों वाले सूबे में केवल एक सीट ही जीत सकी थी। पार्टी के टिकट पर रायबरेली सीट से सोनिया गांधी ही चुनाव जीतकर संसद पहुंच सकी थीं। कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी सीट अमेठी भी नहीं जीत सके थे। कांग्रेस नेहरू-गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली से परिवार के बाहर का उम्मीदवार उतार किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती थी।
रायबरेली से नामांकन मेरे लिए भावुक पल था!
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 3, 2024
मेरी मां ने मुझे बड़े भरोसे के साथ परिवार की कर्मभूमि सौंपी है और उसकी सेवा का मौका दिया है।
अमेठी और रायबरेली मेरे लिए अलग-अलग नहीं हैं, दोनों ही मेरा परिवार हैं और मुझे ख़ुशी है कि 40 वर्षों से क्षेत्र की सेवा कर रहे किशोरी लाल जी… pic.twitter.com/g4E94zuOVf
वहीं दूसरी ओर पार्टी हाईकमान रायबरेली सीट पर राहुल गांधी की जीत की रणनीति बनाने में जुट गया है। वहीं राहुल गांधी भी अपने सियासी भविष्य के लिए रायबरेली के वोटरों का मिजाज भी देखेंगे । राहुल गांधी नामांकन करने के दौरान जोश में दिखाई दिए और और रायबरेली से अपना भावुक रिश्ता भी जोड़ा। इसके साथ राहुल ने यूपी में प्रियंका गांधी की सियासी जमीन भी तैयार कर दी है। राहुल गांधी के दौरान उनके साथ सोनिया गांधी, प्रियंका, रॉबर्ट वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद रहे। नॉमिनेशन के बाद राहुल ने अपने ट्वीट में लिखा, रायबरेली से नामांकन मेरे लिए भावुक पल था! मेरी मां ने मुझे बड़े भरोसे के साथ परिवार की कर्मभूमि सौंपी है और उसकी सेवा का मौका दिया है। अमेठी और रायबरेली मेरे लिए अलग-अलग नहीं हैं, दोनों ही मेरा परिवार हैं और मुझे खुशी है कि 40 वर्षों से क्षेत्र की सेवा कर रहे किशोरी लाल जी अमेठी से पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। अन्याय के खिलाफ चल रही न्याय की जंग में, मैं मेरे अपनों की मोहब्बत और उनका आशीर्वाद मांगता हूं। मुझे विश्वास है कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने की इस लड़ाई में आप सभी मेरे साथ खड़े हैं।
हर वर्ग को न्याय दिलाने
— Congress (@INCIndia) May 3, 2024
लोकतंत्र की रक्षा करने
देश के संविधान को बचाने
आ रही है कांग्रेस.. ✋
📍 फतेहपुर सीकरी, उत्तर प्रदेश pic.twitter.com/Ti8c1LE2rn
प्रियंका ने भी ट्वीट कर राहुल गांधी के नामांकन पर अपने दिल की बात कही। प्रियंका ने लिखा, कुछ दिनों पहले मां ने कहा था, मेरा परिवार दिल्ली में अधूरा है। वह रायबरेली आकर पूरा होता है। ऐसा परिवार, जिसने कई पीढ़ियों को अपने में मिला लिया, जो दशकों तक हर उतार-चढ़ाव, सुख-दुख, संकट और संघर्ष में चट्टान की तरह हमारे साथ खड़ा रहा। यह स्नेह और भरोसे का रिश्ता है। यह सेवा और आस्था का रिश्ता भी है जो आधी सदी से अटूट है। उन्होंने आगे लिखा, हमें यहां के लोगों से जितना प्यार, जितनी आत्मीयता और सम्मान मिला है, वह अनमोल है। परिवारिक रिश्ते की सबसे बड़ी सुंदरता ये होती है कि आप चाहकर भी कभी उसके स्नेह का कर्ज नहीं उतार पाते। प्रियंका ने आगे लिखा इस मुश्किल वक्त में, जब हम देश के लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, तो इस लड़ाई में भी हमारा पूरा परिवार दृढ़ता से हमारे साथ खड़ा है। बता दें कि साल 1967 में इंदिरा गांधी ने यहां से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की। 2004 में इंदिरा गांधी की बहू सोनिया गांधी ने चुनाव लड़ा और पांच बार सांसद चुनी गईं। अब सोनिया गांधी के बेटे राहुल गांधी इस विरासत को संभालने जा रहे हैं। यहां आखिरी बार भाजपा ने 1998 में जीत दर्ज की थी, तब अशोक सिंह प्रत्याशी बनाए गए थे।1999 में गांधी परिवार के सहयोगी सतीश शर्मा ने यहां पर कांग्रेस की वापसी कराई। 2004 में सोनिया गांधी ने इस सीट से कांग्रेस की कमान संभाली और उसके बाद से लगातार 2019 तक यहां से जीत का सिलसिला जारी रखा। हाईप्रोफाइल रायबरेली संसदीय सीट पर भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह लगातार दूसरी बार गांधी परिवार के सामने होंगे। 2019 में दिनेश प्रताप सिंह सोनिया गांधी के सामने चुनाव लड़े थे। उन्होंने कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी थी लेकिन चुनाव हार गए थे। 2018 में दिनेश प्रताप सिंह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। सोनिया गांधी को 5,31,918 मत मिले थे। भाजपा उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह को 3,67,740 मत मिले थे। दिनेश प्रताप 1,64,178 मतों से हार गए थे, लेकिन उन्होंने सोनिया गांधी के जीत के अंतर को कम कर दिया था। इस बार राहुल गांधी अगर वायनाड और रायबरेली से जीत जाते हैं उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। अगर रायबरेली सीट को छोड़ते हैं तो उपचुनाव में पार्टी प्रियंका गांधी को चुनाव में उतार सकती है। बता दें कि रायबरेली में पांचवें चरण में 20 मई को मतदान होंगे।
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Author: AK
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