फिर व्यापार और काम धंधे ठप हो जाने की आशंका से सहमे कामगार

अभी कुछ महीनों पहले लग रहा था कि देश एक बार फिर पटरी पर लौट रहा है । लेकिन अब दोबारा से जिंदगी थमती नजर आ रही है। पिछले साल जैसे ही एक बार फिर कामगारों में आशंका बढ़ गई है कि इस बार भी व्यापार, काम-धंधे, प्राइवेट नौकरियों पर असर पड़ सकता है । बता दें कि यही हालात रहे तो एक बार फिर मजदूरों के पलायन करने से पावरलूम इंडस्ट्री सहित उससे जुड़े साइजिंग, डाइंग कंपनियों के अलावा मोती कारखाना एवं गोदामों के कामकाज, कंस्ट्रक्शन के काम भी प्रभावित होने के आसार बन रहे हैं । इसके अलावा कई राज्यों में भी सख्त प्रतिबंध लगा दिए गए हैं । लॉकडाउन के बाद अधिकतर मजदूर अपने परिवार को अपने गांव ही छोड़कर आए थे। वहीं, कोरोना के बढ़ते मामलों से बचाव के लिए कई राज्य बाहर से आने वालों पर तरह-तरह की पाबंदियां लगाने का एलान कर रहे हैं । इस बार तो स्थिति और खराब दिखाई दे रही है। ऐसे ही दिल्ली में नाइट कर्फ्यू लगने के बाद से ही यहां के मजदूरों को अब दोबारा लॉकडाउन का डर सता रहा है। मुंबई में बसों, ट्रेनों और आरक्षण केंद्रों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है। राजधानी दिल्ली में भी बस और रेलवे स्टेशनों पर इस समय लोगों की लौटने की भारी भीड़ है । कुछ लोग अपने निजी साधनों से भी वापस गांव जा रहे हैं । गौरतलब है कि पिछले साल मार्च में देशव्यापी लॉकडाउन के बाद मुंबई में काम करने वाले लाखों प्रवासी मजदूरों का कामकाज बंद हो गया था, जिसके बाद मुंबई से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में मजदूरों को पैदल जाना पड़ा था। मजदूरों के भूखे-प्यासे छोटे-छोटे बच्चे, लाचार मां-बाप सड़कों पर यूं ही चले जा रहे थे । वर्ष 2020 का पलायन भारत के लिए भी बहुत दुखदाई था । अब एक बार फिर वही हालात हो गए हैं, जिंदगी एक बार फिर पटरी से उतरती दिख रही है।
Author: AK
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