
चुनाव आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान किया। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए एक चरण में 20 नवंबर को वोटिंग होगी। वहीं झारखंड में 2 फेज में 13 और 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। इसके साथ 13 राज्यों की 47 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी कराए जाएंगे। वहीं केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर 13 नवंबर और महाराष्ट्र की नांदेड़ लोकसभा सीट पर 20 नवंबर को वोटिंग होगी। केंद्रीय चुनाव आयोग के तारीखों के एलान करने के बाद ही सियासी हलचल शुरू हो गई। गांधी परिवार के लिए एक बार फिर केरल की वायनाड सीट प्रतिष्ठा का विषय बन गई है। निर्वाचन आयोग द्वारा वायनाड लोकसभा उपचुनाव की घोषणा के तुरंत बाद कांग्रेस ने प्रियंका गांधी की उम्मीदवारी वाली सूची जारी की। इस साल हुए लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी दो सीट से मैदान में उतरे और प्रियंका गांधी ने दूरी बना ली थी। तभी से ये कयास लगाए जा रहे थे कि अगर राहुल गांधी दोनों ही सीट से चुनाव जीत जाते हैं तो उनके इस्तीफे से रिक्त होने वाली एक सीट से प्रियंका उपचुनाव में उतर सकती हैं। हुआ भी ऐसा ही। प्रियंका गांधी वायनाड सीट से चुनाव लड़ेंगी, कांग्रेस ने ये एलान कर दिया । कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा केरल के वायनाड लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से अपनी चुनावी पारी का आगाज करेंगी। वायनाड से निर्वाचित होने पर प्रियंका गांधी पहली बार सांसद बनेंगी। साथ ही यह भी पहली बार होगा कि गांधी परिवार के तीन सदस्य – सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका एक साथ संसद में होंगे।

प्रियंका गांधी का भले ही यह पहला चुनाव है लेकिन वह लंबे समय से रायबरेली में सोनिया गांधी और अमेठी में राहुल गांधी की चुनावी तैयारियों का जिम्मा संभालती रही हैं। 2019 में सक्रिय राजनीति में कदम रखने के बाद से ही प्रियंका गांधी को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। कभी कहा जा रहा था कि वह वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी, तो कभी यह चर्चा थी कि वह अपनी मां सोनिया गांधी की पारंपरिक सीट रायबरेली से चुनाव लड़ेंगी। लेकिन कांग्रेस ने आखिरकार उन्हें वायनाड से उतारने का फैसला किया है। यह वही सीट है जहां से उनके बड़े भाई राहुल गांधी लगातार दो बार चुनाव जीत चुके हैं। प्रियंका गांधी पहले उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की प्रभारी थीं। इस साल की शुरुआत में हुए लोकसभा चुनावों में प्रियंका गांधी ने पार्टी के लिए रणनीतिकार और स्टार प्रचारक की भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने कुछ राज्यों और लोकसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया। बता दें कि 17 जून को वायनाड सीट छोड़ते वक्त राहुल ने कहा था- वायनाड और रायबरेली से मेरा भावनात्मक रिश्ता है। मैं पिछले 5 साल से वायनाड से सांसद था। मैं लोगों को उनके प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड से चुनाव लड़ेंगी, लेकिन मैं समय-समय पर वायनाड का दौरा भी करूंगा। मेरा रायबरेली से पुराना रिश्ता है, मुझे खुशी है कि मुझे फिर से उनका प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा, लेकिन यह एक कठिन निर्णय था। प्रियंका गांधी ने कहा था, मैं बिल्कुल भी नर्वस नहीं हूं। मैं वायनाड का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम होने के लिए बहुत खुश हूं। मैं बस इतना कहूंगी कि मैं उन्हें राहुल गांधी की अनुपस्थिति महसूस नहीं होने दूंगी। मैं कड़ी मेहनत करूंगी और सभी को खुश करने और एक अच्छी प्रतिनिधि बनने की पूरी कोशिश करूंगी। वायनाड में प्रियंका की मौजूदगी से पार्टी को उम्मीद है कि वह जनता को एक रणनीतिक संदेश भेजकर उत्तरी और दक्षिणी दोनों क्षेत्रों में कांग्रेस की मौजूदगी का संकेत देगी। वायनाड सीट पर आगामी 13 नवंबर को मतदान कराए जाएंगे। मतगणना 23 नवंबर को होगी।
Author: AK
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