बुध, फ़रवरी 4, 2026

Uttarakhand Road Accident: उत्तराखंड में सड़क हादसा, 200 मीटर खाई में गिरी बोलेरो, 5 की मौत

Uttarakhand Road Accident: Bolero Falls into 200-Meter Gorge, 5 Dead

पिथौरागढ़ में बोलेरो 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई, हादसे में 5 लोगों की मौत, 5 घायल। CM ने जताया दुख और तत्काल सहायता के आदेश दिए।


Uttarakhand Road Accident: Bolero Falls into 200-Meter Gorge, 5 Dead


उत्तराखंड में बड़ा सड़क हादसा: बोलेरो खाई में गिरी, 5 लोगों की मौत

हादसे की शुरुआत: बारात लौटते समय हुआ दर्दनाक दुर्घटना

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के सेराघाट क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक भयावह सड़क हादसा हुआ। पाटी आई बारात की बोलेरो कार वापसी के दौरान घाट के आस पास एक 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में मां-बेटे सहित पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।

बताया जा रहा है कि हादसा बालातड़ी से पाटी लौटते समय हुआ। कार में कुल 10 लोग सवार थे, जो शादी समारोह से लौट रहे थे।


हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य

आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की सक्रियता
घटना की सूचना रात तीन बजे आपदा परिचालन केंद्र को मिली। तुरंत एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर रवाना हुई।
खाई से मृतकों के शवों को बाहर निकालकर लोहाघाट उप जिला अस्पताल लाया गया। घायल लोगों का उपचार वहीं प्राथमिक तौर पर किया गया।

प्रशासनिक कार्रवाई और मृतकों का विवरण
प्रशासन ने मृतकों और घायलों की जानकारी जुटाई। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में मां-बेटा भी शामिल हैं। दुर्घटना में मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई:

  • बिलासपुर निवासी भावना चौबे (28 वर्ष)
  • उनका पुत्र प्रियांशु (6 वर्ष)
  • प्रकाश उनियाल (40 वर्ष)
  • पंतनगर निवासी केवल चंद्र उनियाल (35 वर्ष)
  • सुरेश नौटियाल (32 वर्ष)

घायलों में शामिल हैं:

  • रुद्रपुर निवासी धीरेज पुत्र प्रकाश चंद्र
  • लाखतोली निवासी राजेश (14 वर्ष) पुत्र उमेश चंद्र जोशी
  • दिल्ली निवासी चेतन चौबे (5 वर्ष) पुत्र सुरेश चौबे
  • किलोटा निवासी भास्कर पांडा
  • सल्ला भाटकोट, सेराघाट पिथौरागढ़ निवासी वह चालक देवदत्त (38 वर्ष) पुत्र रामदत्त

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने जताया दुख

उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ने दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि:

  • दुर्घटना में 5 लोगों के असामयिक निधन पर वे शोक व्यक्त करते हैं।
  • दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की।
  • शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति मिले, इसकी कामना की।
  • घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को तुरंत दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दुर्घटना के बाद सभी अस्पतालों और राहत केंद्रों को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि घायलों को उचित और त्वरित चिकित्सा मिल सके।


हादसे की तकनीकी जानकारी

वाहन और सड़क की स्थिति
हादसे वाली कार बोलेरो संख्या UK 04 TB 2074 थी। कार में कुल 10 लोग सवार थे। वाहन सड़क किनारे से फिसलकर लगभग 200 मीटर गहरी खाई में गिर गया।

सड़क सुरक्षा और ऊँचाई का खतरा
पिथौरागढ़ और चंपावत जिले की पहाड़ी सड़कों में अक्सर सुरक्षा की कमी और खतरनाक मोड़ देखने को मिलते हैं। इस तरह के हादसे आम तौर पर अपर्याप्त सड़क संकेत, तेज गति, और खराब मार्ग परिस्थितियों के कारण होते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में रात में ड्राइविंग करना बेहद जोखिम भरा होता है। इन क्षेत्रों में वाहन चालक को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए, और सड़क किनारे रेलिंग या सुरक्षा बाउंड्री का होना भी महत्वपूर्ण है।


स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की भूमिका

SDRF और पुलिस की तत्परता
घटना के तुरंत बाद एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) और पुलिस टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
टीम ने खाई में गिरी बोलेरो से मृतकों और घायलों को निकालने के लिए विशेष उपकरण और रस्सियों का इस्तेमाल किया

अस्पताल और प्राथमिक चिकित्सा
घायलों को लोहाघाट उप जिला अस्पताल लाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को उच्च चिकित्सा सुविधा वाले अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया।


बारातियों की कार हादसा और सामाजिक प्रभाव

यह दुर्घटना न केवल व्यक्तिगत स्तर पर दुखद है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ में भी गहरा प्रभाव डालती है
शादी जैसी खुशियों के अवसर पर लौटते समय यह हादसा परिवारों और समुदाय के लिए शोक और मानसिक आघात लेकर आया।

विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी इलाकों में सुरक्षित ड्राइविंग और यात्री सुरक्षा उपाय लागू करना अत्यंत आवश्यक है।


भविष्य में सड़क सुरक्षा के लिए सुझाव

  1. सुरक्षा रेलिंग और संकेतक: पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क किनारे मजबूत रेलिंग और स्पष्ट संकेतक होने चाहिए।
  2. रात में ड्राइविंग पर प्रतिबंध: जहां सड़क खराब है या खतरनाक मोड़ हैं, वहां रात में ड्राइविंग सीमित की जानी चाहिए।
  3. आपातकालीन वाहन सेवा: पहाड़ी क्षेत्रों में 24 घंटे कार्यरत आपातकालीन वाहन सेवा और एम्बुलेंस उपलब्ध हो।
  4. शिक्षा और जागरूकता: स्थानीय लोगों और यात्रियों को सड़क सुरक्षा और पहाड़ी ड्राइविंग की शिक्षा दी जानी चाहिए।
  5. वाहन में सुरक्षा उपकरण: सभी वाहन में सीट बेल्ट, स्पीड गवर्नर और इमरजेंसी उपकरण अनिवार्य होने चाहिए।

निष्कर्ष

पिथौरागढ़ जिले का यह सड़क हादसा एक गंभीर चेतावनी है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और वाहन सावधानी पर ध्यान देना कितना जरूरी है।

  • पांच निर्दोष लोगों की मौत ने परिवारों और समाज को गहरा आघात पहुंचाया।
  • मुख्यमंत्री और प्रशासन ने तत्काल राहत और मदद सुनिश्चित की।
  • भविष्य में सुरक्षा उपायों के साथ पहाड़ी सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।

हमें यह भी समझना होगा कि शादी जैसी खुशियों के मौके पर सुरक्षित परिवहन व्यवस्था न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

उत्तराखंड की पहाड़ी सड़कें सुंदर हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा और सावधानी पर ध्यान देना हर यात्री और प्रशासन का कर्तव्य है।


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AK
Author: AK

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