बुध, फ़रवरी 4, 2026

Uttarakhand Rains: उत्तराखंड में बारिश का कहर – डोईवाला और चमोली में बढ़ी मुसीबत

Uttarakhand Rains: Trouble Deepens in Doiwala and Chamoli

उत्तराखंड में भारी बारिश और बादल फटने से डोईवाला के कई गांवों का संपर्क कटा, चमोली में तबाही मची। मसूरी में मलवा आने से सड़कें बंद।


Uttarakhand Rains: Trouble Deepens in Doiwala and Chamoli

प्रस्तावना

उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्वतीय भूगोल के कारण हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है, लेकिन यही भूगोल आपदा का कारण भी बन जाता है। इस समय उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी है। चमोली जिले में बादल फटने से तबाही का आलम है, वहीं डोईवाला विधानसभा के रायपुर प्रखंड के कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। लगातार हो रही बारिश और बिजली की गड़गड़ाहट ने लोगों के बीच भय का माहौल बना दिया है। मसूरी की सड़कों पर मलवा आने से यातायात बाधित है और प्रशासन लगातार स्थिति का जायजा ले रहा है।


चमोली में बादल फटना: तबाही की तस्वीर

बादल फटने की घटना

चमोली जिले में बादल फटने से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए और खेतों में बाढ़ का पानी भर गया। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए राहत दल लगातार काम कर रहे हैं। लोग अपने पशुओं और सामान को बचाने में जुटे हैं, लेकिन भारी बारिश के चलते हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।

प्रशासन की चुनौतियां

प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव में कठिनाई हो रही है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण सड़कों और पुलों पर भारी दबाव है, जिससे राहत सामग्री पहुँचाने में बाधा आ रही है।


डोईवाला के गांवों का संपर्क टूटा

रायपुर प्रखंड सबसे ज्यादा प्रभावित

डोईवाला विधानसभा के रायपुर प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। लोगों को अब बाहर निकलने और जरूरी सामान लाने-ले जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की समस्याएं

  • राशन और दवाइयों की कमी
  • स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों का बंद होना
  • संचार साधनों का बाधित होना

ग्रामीण अब प्रशासन से लगातार मदद की मांग कर रहे हैं।


लगातार बारिश से लोगों में डर

मंगलवार की बाढ़ के बाद फिर चिंता

मंगलवार को आई बाढ़ के बाद थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन बुधवार रात से लगातार हो रही बारिश ने लोगों के बीच एक बार फिर अनहोनी की आशंका बढ़ा दी है। आसमान में छाए काले बादल और गड़गड़ाहट ने ग्रामीणों की चिंताओं को दोगुना कर दिया है।

मानसिक तनाव और असुरक्षा

लोग अपने घरों में रहकर लगातार बारिश की आवाज और बिजली की चमक से डरे हुए हैं। मानसिक तनाव के कारण बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।


मसूरी में सड़कें बनी संकट

निरीक्षण में जुटे अधिकारी

मसूरी में लगातार बारिश से सड़कों पर मलवा आने की समस्या खड़ी हो गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम और सीओ ने कुठाल गेट से मसूरी तक सड़क का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने पर ही यातायात को चालू किया जाएगा।

पीडब्ल्यूडी का बयान

पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से हर जगह निरीक्षण किया जा रहा है। बारिश रुकने तक भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है ताकि हादसों से बचा जा सके।


आपदा प्रबंधन की स्थिति

राहत दल सक्रिय

राज्य आपदा प्रबंधन दल, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं। उन्हें ग्रामीणों तक पहुँचने और राहत सामग्री पहुँचाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

सरकार की अपील

उत्तराखंड सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और हर संभव मदद पहुँचाने के निर्देश दिए हैं।


स्थानीय निवासियों की आवाज

ग्रामीणों का दर्द

ग्रामीणों का कहना है कि वे कई दिनों से घरों में कैद हैं और बाहर जाने का कोई रास्ता नहीं है।
एक ग्रामीण ने बताया:

“राशन खत्म हो रहा है, बच्चों को दूध और दवाइयों की जरूरत है, लेकिन हम कुछ कर नहीं पा रहे हैं।”

राहत की उम्मीद

लोग प्रशासन से जल्द राहत कार्य और संचार बहाल करने की मांग कर रहे हैं।


विशेषज्ञों की राय

भूगर्भ वैज्ञानिकों की चेतावनी

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड की संवेदनशील भूगोलिक स्थिति के कारण यहां भारी बारिश अक्सर आपदा का रूप ले लेती है।

  • भूस्खलन
  • बादल फटना
  • नदियों का उफान
    ये सभी घटनाएं मिलकर बड़ी तबाही का कारण बनती हैं।

दीर्घकालिक समाधान की जरूरत

विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार को अब दीर्घकालिक रणनीति बनानी होगी, जिसमें मजबूत आधारभूत ढांचा, आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली और ग्रामीण विकास शामिल हो।


भविष्य की राह

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए आपदा प्रबंधन सिर्फ राहत कार्य तक सीमित नहीं होना चाहिए।

  • स्थायी ढांचागत विकास
  • पहाड़ी गांवों तक सड़क और संचार की बेहतर पहुँच
  • पर्यावरण संरक्षण
    इन कदमों से भविष्य में ऐसी आपदाओं का असर कम किया जा सकता है।

निष्कर्ष

उत्तराखंड में इस समय बारिश का कहर लगातार लोगों की जिंदगी मुश्किल बना रहा है। चमोली में बादल फटना, डोईवाला में गांवों का संपर्क टूटना और मसूरी में सड़कों पर मलवा आना स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन प्रकृति की मार ने चुनौतियों को और बड़ा बना दिया है।

भारत के इस सुंदर राज्य को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए अब जरूरी है कि दीर्घकालिक समाधान निकाला जाए। फिलहाल, उत्तराखंड के लोग सिर्फ यही प्रार्थना कर रहे हैं कि बारिश थमे और हालात सामान्य हों।


उत्तराखंड बारिश, चमोली बादल फटना, डोईवाला गांव संपर्क कटा, मसूरी सड़क बंद, उत्तराखंड आपदा

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Discover more from DW Samachar

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading