बुध, फ़रवरी 4, 2026

COVID Threat Rises Again: उत्तराखंड में कोविड का खतरा फिर बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Uttarakhand on Alert as COVID Threat Rises Again

उत्तराखंड में कोविड के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार सतर्क, अस्पतालों को निर्देश जारी, नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील।

Uttarakhand on Alert as COVID Threat Rises Again


उत्तराखंड में कोविड का खतरा फिर बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

कोविड के नए वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता, उत्तराखंड में प्रशासनिक सक्रियता तेज

देश में कोविड-19 का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है। ओमिक्रॉन का नया वेरिएंट JN.1 एशिया के कई देशों में तबाही मचा चुका है और अब इसका असर भारत में भी दिखने लगा है। इस नए संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने न सिर्फ सभी अस्पतालों को सतर्क रहने को कहा है, बल्कि व्यापक स्क्रीनिंग, जांच और निगरानी के आदेश भी जारी किए हैं।


देश में कोविड मामलों की वर्तमान स्थिति

भारत में अब तक कोविड-19 के 257 सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 164 मामले पिछले कुछ ही दिनों में सामने आए हैं। नए मामलों में महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, ओडिशा और केरल जैसे राज्यों के साथ-साथ हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी मामले सामने आए हैं। हालांकि अधिकतर मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं देखे जा रहे, फिर भी संक्रमण की तीव्रता और प्रसार क्षमता को देखते हुए सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।


उत्तराखंड सरकार की प्रतिक्रिया

अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया

उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) और मेडिकल कॉलेजों के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में कोविड-19 से निपटने के लिए निम्न निर्देश जारी किए गए:

  • सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड चिह्नित करने के निर्देश।
  • फ्लू क्लीनिक संचालित करने और संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान और आइसोलेशन सुनिश्चित करने का आदेश।
  • इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों वाले मरीजों की अनिवार्य कोविड जांच।
  • जांच की रिपोर्ट को इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) पर दर्ज करना अनिवार्य।
  • कोविड पॉजिटिव मरीजों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराने का निर्देश।

क्यों है नया वेरिएंट JN.1 चिंताजनक?

तेजी से फैलने वाला संक्रमण

ओमिक्रॉन का नया वेरिएंट JN.1 पिछले वेरिएंट्स के मुकाबले ज्यादा तेजी से फैलता है। यह मुख्य रूप से खांसी, जुकाम, बुखार, थकान और सांस लेने में दिक्कत जैसे इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण देता है, जिससे इसे पहचानना मुश्किल हो सकता है।

एशियाई देशों में प्रभाव

  • चीन, सिंगापुर, हांगकांग, थाईलैंड जैसे देशों में इस वेरिएंट ने फिर से संक्रमण दर बढ़ा दी है।
  • इन देशों में अस्पतालों पर फिर से दबाव बढ़ने लगा है।
  • भारत में भी इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को अलर्ट जारी किया है।

उत्तराखंड में विशेष कदम

जिला स्तर पर निगरानी

राज्य के हर जिले में सीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने जिले के सभी अस्पतालों और लैब को तैयार रखें।

  • मरीजों की निगरानी के लिए मोबाइल मेडिकल टीमें बनाई जा रही हैं।
  • प्रत्येक अस्पताल को दिन में एक बार कोविड से संबंधित डेटा अपडेट करना अनिवार्य किया गया है।
  • निजी अस्पतालों को भी कोविड जांच की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मेडिकल कॉलेजों की तैयारी

  • सभी मेडिकल कॉलेजों में कोविड मामलों से निपटने के लिए सुविधाओं की समीक्षा की जा रही है।
  • ऑक्सीजन प्लांट्स, वेंटिलेटर, पीपीई किट्स और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

आम जनता से अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि वे कोविड-19 को हल्के में न लें और सावधानी के सभी उपाय करें:

क्या करें?

  • भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें
  • सामाजिक दूरी बनाए रखें।
  • अगर किसी को बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो, तो तुरंत टेस्ट कराएं।
  • होम आइसोलेशन में रहते हुए स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें।

क्या न करें?

  • लक्षण नजर आने पर बाहर न निकलें।
  • अफवाहों पर विश्वास न करें, केवल सरकारी सूत्रों से जानकारी लें।
  • कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज़ अगर नहीं ली है, तो जल्द लें।

कोविड से जुड़ी उत्तराखंड की पिछली स्थिति

उत्तराखंड, विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन स्थलों जैसे हरिद्वार, ऋषिकेश, और केदारनाथ में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। 2020 और 2021 में राज्य ने कोविड की भीषण लहरों का सामना किया था।

  • सीमित स्वास्थ्य संसाधनों के बावजूद राज्य ने टीकाकरण अभियान को सफलतापूर्वक चलाया।
  • अब जब खतरा फिर सिर उठा रहा है, सरकार पहले से ज्यादा तैयार नजर आ रही है।

निष्कर्ष: सतर्कता ही सुरक्षा है

कोविड-19 का नया वेरिएंट JN.1 भले ही ज्यादा गंभीर न लग रहा हो, लेकिन इसकी तेजी से फैलने की क्षमता चिंता का विषय है। उत्तराखंड सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते सतर्कता दिखाते हुए आवश्यक कदम उठाए हैं।

जनता को चाहिए कि वे सरकार के साथ सहयोग करें और कोविड अनुरूप व्यवहार अपनाकर खुद और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।


आपका स्वास्थ्य आपकी जिम्मेदारी है। मास्क पहनें, दूरी बनाए रखें और सुरक्षित रहें। उत्तराखंड तैयार है, क्या आप तैयार हैं?


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AK
Author: AK

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