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आईएएस के लखनऊ और देहरादून ठिकानों पर छापे, यूपी-उत्तराखंड में खेला भ्रष्टाचार का खेल

भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोप में घिरे आईएएस अधिकारी पर जांच की कार्रवाई आज से शुरू हो गई। बात को आगे बढ़ाने से पहले जान लेते हैं यह एक ऐसे आईएएस अधिकारी हैं जो उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड में भी भ्रष्टाचार में लिप्त रहे। यूपी में जब सपा की सरकार (2012 … Read more

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Uttarakhand News: Raids IAS Ram Vilas Yadav 7 places
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भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोप में घिरे आईएएस अधिकारी पर जांच की कार्रवाई आज से शुरू हो गई। बात को आगे बढ़ाने से पहले जान लेते हैं यह एक ऐसे आईएएस अधिकारी हैं जो उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड में भी भ्रष्टाचार में लिप्त रहे। यूपी में जब सपा की सरकार (2012 से 17) में थी तब इन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए खूब दौलत इकट्ठा की। इन पर यूपी के साथ उत्तराखंड में भी मामले दर्ज किए गए।‌ इनका नाम है रामविलास यादव। यह सपा अखिलेश शासन में लखनऊ विकास प्राधिकरण सचिव के पद पर तैनात थे। उसके बाद इन्होंने अपनी तैनाती जुगाड़ लगाकर उत्तराखंड करा ली थी। यह देहरादून में समाज कल्याण विभाग में अपर सचिव विभाग में तैनात थे। गत 19 अप्रैल को आईएएस रामविलास के खिलाफ विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया था। शनिवार सुबह आय से अधिक संपत्ति मामले में आईएएस रामविलास यादव के लखनऊ, गोरखपुर, गाजीपुर, टिहरी, देहरादून समेत सात ठिकानों पर विजिलेंस ने छापा मार कार्रवाई चल रही है। आईएएस रामविलास पर लखनऊ और देहरादून में आय से अधिक संपत्ति बनाने का मामला था। यादव लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव रह चुके हैं। आईएएस रामविलास यादव उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव थे। उन पर कई घोटालों के आरोप भी लग चुके हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव सरकार में आईएएस अधिकारी रामविलास ने खूब भ्रष्टाचार का खेल खेला।

योगी सरकार आने पर रामविलास यादव जुगाड़ लगाकर उत्तराखंड तैनाती करा ले गए—

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रामविलास यादव यूपी में कई विभागों में रहे। यूपी में भाजपा सरकार आने के बाद आईएएस रामविलास यादव 2019 में यूपी से उत्तराखंड आए थे। यहां पर यादव समाज कल्याण विभाग में अपर सचिव पद पर तैनात थे। ‌ यहां शासन ने जनवरी 2019 को उनके खिलाफ विजिलेंस में खुली जांच के आदेश दिए थे। विजिलेंस टीम ने आईएएस यादव को पूछताछ के लिए बुलाना चाहा, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद आईएएस का पक्ष जानने के लिए तीन सदस्यों की कमेटी बनाई गई, पर यादव ने उसे भी गुमराह किया। इसी महीने में 30 जून को रिटायर होने वाले हैं लेकिन काफी समय से वह छुट्टी पर चल रहे हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में घिरे आईएएस रामविलास यादव पर 19 अप्रैल को मुकदमा दर्ज किया गया था। उन पर आय से 500 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है‌। यूपी और उत्तराखंड सरकार ने इनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में जांच की कार्रवाई शुरू की थी। ‌ विजिलेंस की टीम आईएएस रामविलास यादव के लखनऊ, देहरादून समेत कई ठिकानों पर जांच पड़ताल में जुटी हुई है। यादव जब लखनऊ में एलडीए के सचिव थे तब उनके ऊपर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे थे। यह अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं।

AK
Author: AK

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