उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज बुधवार को धामी सरकार की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की। बैठक में 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने उत्तराखंड की पहली योग नीति और कर्मचारियों, पेंशनरों व उनके आश्रितों को गोल्डन कार्ड पर कैशलेस इलाज के लिए नई व्यवस्था को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सेवा क्षेत्र नीति 2024 और मेगा इंडस्ट्रियल की नई नीति भी मंजूर हुई है। कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड की पहली योग नीति को मंजूरी दी गई है। इस नीति के तहत प्रदेश के पांच क्षेत्रों को योग हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे योग को स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार से जोड़ा जाएगा। जागरुकता कार्यक्रमों के माध्यम से योग को आम जन तक पहुंचाया जाएगा। योग को स्कूल, कालेजों के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग कर योग के क्षेत्र में क्षमता निर्माण किया जाएगा। विश्वस्तरीय योग केंद्रों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा। यहां बनेंगे पांच नए योग हब 2030 तक उत्तराखंड में पांच नए योग हब स्थापित होंगे। जागेश्वर, मुक्तेश्वर, व्यास घाटी, टिहरी झील और कोलीढेक झील को योग हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में विकसित होने वाले योग केंद्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। मार्च 2026 तक राज्य के सभी आयुष हेल्थ और वेलनेस सेंटर्स में योग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। समुदाय आधारित माइंड फुलनेस कार्यक्रम शुरू होंगे। अलग अलग आयु, लिंग और वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रख कर कार्यक्रम तैयार होंगे। पहले से चल रहे होमस्टे, रिसॉर्ट, होटल, स्कूल, कालेज में योग केंद्र स्थापित किए जाने पर योग अनुदेशक को प्रति सत्र 250 रुपए दिए जाएंगे।
कैबिनेट की बैठक में धामी सरकार के अन्य फैसले इस प्रकार रहे:
वहीं अब राज्य में 10 करोड़ रुपये तक के कार्य स्थानीय ठेकेदारों से कराए जा सकेंगे। इससे प्रदेश के स्थानीय लोगों को अधिक रोजगार मिलेगा और उनके उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। यह निर्णय प्रिक्योरमेंट नियमावली में संशोधन करके लिया गया है। अस्पतालों को समय पर भुगतान न होने की समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को 75 करोड़ रुपये का लोन दिया जाएगा। इसके जरिए अटल आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों का भुगतान किया जाएगा। देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में मरीजों के साथ आए तीमारदारों के रहने और खाने की सुविधा के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके निर्माण का कार्य सीएसआर फंड के माध्यम से होगा।
उत्तराखंड मेगा और इंडस्ट्रियल नीति 2025 को मंजूरी दी गई है। इस नीति में राज्य को चार क्षेत्रों में बांटकर उद्योगों के लिए विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। यह नीति पांच साल तक प्रभावी रहेगी। मिथाइल अल्कोहल को विष कब्जा और विक्रय नियमावली में शामिल किया गया। निबंध लिपिकवर्गीय कर्मचारी सेवा नियमावली 2025 को मंजूरी दी गई है। चाय विकास बोर्ड की संरचना में बदलाव किया गया है। सेवा क्षेत्र नीति 2024 में संशोधन हुआ है। बाढ़ सुरक्षा पर वार्षिक प्रतिवेदन सदन में रखा जाएगा।
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Author: Abhishek Kumar
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