उत्तराखंड में ‘मिशन 22‘ के लिए जहां एक ओर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विकास योजनाओं को लेकर जल्दी-जल्दी पूरा करने में लगे हुए हैं। इसके साथ ही सीएम धामी पार्टी के विधायकों और कार्यकर्ताओं को एकजुटता का ‘संदेश’ भी दे रहे हैं। अपने मिशन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सार्वजनिक स्थल पर भाजपा के विधायक और पार्टी के कार्यकर्ताओं में शनिवार को हुई जोरदार भिड़ंत के बाद अनुशासनहीनता को लेकर जरूर धक्का लगा है। आइए अब आपको बताते हैं पूरा मामला क्या था। राजधानी देहरादून के पास रायपुर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री धामी को डिग्री कॉलेज के भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचने वाले थे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पहले से ही वहां जनसभा स्थल पर कैबिनेट मंत्री धनसिंह रावत भी मौजूद थे। वहीं दूसरी ओर रायपुर से भाजपा के क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ भी थे। इसी बीच उमेश शर्मा कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार बहस हो गई। कार्यकर्ता और उमेश शर्मा के बीच काफी देर तक विवाद होता रहा । नौबत मारपीट तक आ गई। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत के सामने उमेश शर्मा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने कार्यक्रम को छोड़ने तक की धमकी दे दी। विधायक शर्मा ने कहा कि वो जिन कार्यकर्ताओं के साथ खड़े हैं यदि वो उनके साथ रहेंगे तो वो कार्यक्रम छोड़कर चले जाएंगे। इस बीच विधायक अपने ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को धमकी देने लगे। बता दें कि विधायक उमेश शर्मा काऊ ने भाजपा के जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह रावत और उनके समर्थकों पर क्षेत्र में लगे उनके पोस्टर-बैनर फाड़ने का भी आरोप लगाया। इसी बात पर उमेश शर्मा भड़के हुए थे। लेकिन आज भाजपा के विधायक व कार्यकर्ताओं के बीच हुई जोरदार भिड़ंत के बाद पार्टी में अनुशासनहीनता की पोल खोल दी है।
Author: AK
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