देशद्रोह का मुकदमा लगाने के बाद आप सांसद संजय सिंह कल सीएम योगी को फिर देंगे चुनौती

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के बीच एक बार फिर ठन गई है । ‘दोनों के बीच पिछले तीन महीने से जुबानी जंग चली आ रही है’ । पिछले दिनों ब्राह्मणों पर यूपी में हुए अत्याचार और कानून-व्यवस्था पर आप सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार को चेतावनी दी थी । ‘संजय सिंह के आक्रामक रुख से गुस्साए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उन पर कई थानों में मुकदमे दर्ज करा दिए थे’ । संजय सिंह कल एक बार फिर लखनऊ में योगी को चुनौती देने जा रहे हैं । बता दें कि शुक्रवार को संजय सिंह ने मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में उत्तर प्रदेश से जुड़े मामले को उठाते हुए योगी सरकार को कठघरे में खड़ा किया । आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद ने कहा कि योगी आदित्यनाथ उन्हें देशद्रोही बता रहे हैं, पिछले तीन माह में उनके खिलाफ यूपी योगी सरकार ने 13 मुकदमे दर्ज करा दिए हैं । ‘आप सांसद ने कहा कि 20 सितंबर रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ जाएंगे’ । उन्होंने कहा कि मैंने यूपी में ब्राह्मणों और दलितों के खिलाफ हिंसा और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। यही नहीं महामारी के समय कोरोना किट की खरीद में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है। इससे नाराज होकर यूपी योगी सरकार ने उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया, सांसद ने कहा कि मैं डरने वाला नहीं हूं । यहां हम आपको बता दें कि संजय सिंह यूपी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। खासकर दलितों और ब्राह्मणों के खिलाफ हिंसा को उन्होंने प्रमुख मुद्दा बनाया है। इसी को लेकर योगी आदित्यनाथ संजय सिंह के बीच छत्तीस का आंकड़ा चल रहा है ।
https://platform.twitter.com/widgets.jsयोगी जी मैं तो गिरफ़्तारी देने को तैयार था आप बयान लेने को भी तैयार नही कोई बात नही सदन का सत्र ख़त्म होने के दो दिन बाद मैं लखनऊ के हज़रतगंज थाने आ जाऊँगा। pic.twitter.com/tbecmS8FMk
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) September 19, 2020
उत्तर प्रदेश योगी सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे: संजय सिंह
संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर योगी सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी मेरी आवाज दबा नहीं सकते हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मैंने संसद में भी आवाज उठाई है । संजय सिंह ने कहा कि उनके उठाए गए मसलों का संसद में कांग्रेस, टीएमसी, एसपी, शिवसेना, आरजेडी, टीआरएस, टीडीपी, डीएमके, अकाली दल, एनसीपी और दूसरे सांसदों ने समर्थन किया है। यही नहीं, राज्यसभा के सभापति ने भी सदन को सुनिश्चित किया है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में आजकल चल रहे अपराधों के मामले में जब हमने एक सर्वे कराया था। इसमें 63 प्रतिशत लोग मानते हैं कि यूपी सरकार जातिवादी सरकार है। संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हो रहे अत्याचार, हत्या, लूट व भ्रष्टाचार के मामले उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि ये देशद्रोह का मुकदमा मेरे ऊपर क्यों किया, क्योंकि मैंने उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों के ऊपर, दलितों के ऊपर हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाया था, पत्रकारों के ऊपर हो रहे हमले का मुद्दा उठाया, राज्य में कोरोना को लेकर हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया था । संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार से चुनौती भरे अंदाज में कहा कि आप चाहे जितने मुकदमे कर दो लेकिन ये मत सोचना कि मैं अपनी आवाज नहीं उठाऊंगा ।गौरतलब है कि लगभग दो महीनों से आप सांसद संजय सिंह ने यूपी का ताबड़तोड़ दौरा किया है, इस दौरान उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर जमकर हमले किए ।
https://platform.twitter.com/widgets.jsसंसद परिसर में आम आदमी पार्टी के सांसदों ने यूपी सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया, सांसद संजय सिंह और भगवंत मान ने #ब्राह्मणों की हत्याएँ बंद करो, #दलितों की हत्त्याएँ बंद करो, #पिछड़ों की हत्याऐे बंद करो के नारे भी लगाये @SanjayAzadSln @BhagwantMann pic.twitter.com/zlk6ohQkoL
— Puneet Shukla (@puneetshukla3) September 19, 2020
उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले विपक्ष की भूमिका में आना चाहती है आम आदमी पार्टी—
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस, सपा और बसपा मिलकर जो बीते तीन सालों में नहीं कर पाई वो आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने तीन महीने में ही कर दिखाया । सपा, बसपा और कांग्रेस की सक्रियता सिर्फ सोशल मीडिया पर सिमट कर रह गई। यूपी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी जरूर कभी-कभार आकर जोश भर देती हैं । लेकिन प्रियंका के दिल्ली जाते ही फिर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का उत्साह ठंडा हो जाता है । इसी बात को आम आदमी पार्टी ने भली-भांति जान लिया था । यूपी की सियासत में कमजोर विपक्ष का विकल्प आप पार्टी बनती जा रही है । उत्तर प्रदेश में चाहे ब्राह्मणों की हत्या से शुरू हुई ब्राह्मण प्रेम की राजनीति हो, कोरोना में उपकरणों की खरीद का मुद्दा हो या फिर लखीमपुर में पूर्व विधायक की हत्या । आप पार्टी ने ऐसा हंगामा खड़ा किया कि मानो वही सबसे बड़ा विपक्षी दल है । आप साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में अपनी जमीन तलाश रही है । संजय सिंह ने जब से उत्तर प्रदेश में पार्टी की कमान संभाली तो ऐसा कोई मुद्दा नहीं छोड़ा जब सीएम और सरकार को निशाने पर न लिया हो । आप पार्टी किसी भी मुद्दे पर सड़कों पर उतरने से नहीं चूक रही है । हालांकि अभी आम आदमी पार्टी का उत्तर प्रदेश में इतना जनाधार नहीं है लेकिन उनके भाषणों और प्रदर्शनों में बहुत तीखापन देखा जा रहा है । सही मायने में तीन महीनों से आम आदमी पार्टी और संजय सिंह ने योगी सरकार के लिए सिरदर्द कर दिया है । आम आदमी पार्टी और संजय सिंह को उत्तर प्रदेश में अब विपक्ष का एहसास भी होने लगा है ।
Author: AK
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