UPSC की नई ‘प्रतिभा सेतु’ योजना से अब IAS-IPS न बनने पर भी सरकारी और निजी क्षेत्र में मिल सकती है नौकरी का मौका। जानिए कैसे।
UPSC’s Pratibha Setu: Missed Final List? Here’s a New Hope
UPSC प्रतिभा सेतु: फाइनल लिस्ट में नहीं आए तो क्या हुआ? अब भी है सुनहरा मौका
UPSC की नई पहल से बढ़े रोजगार के अवसर
हर साल लाखों उम्मीदवार UPSC की परीक्षाएं देते हैं, लेकिन इनमें से कुछ हजार ही अंतिम चयन सूची में स्थान बना पाते हैं। ऐसे में जो कैंडिडेट इंटरव्यू तक पहुंचते हैं लेकिन अंतिम सूची से बाहर रह जाते हैं, उनके लिए अब UPSC ने एक नई और उपयोगी पहल की है। इस पहल का नाम है प्रतिभा सेतु योजना।
यह योजना UPSC द्वारा पहले लागू की गई पब्लिक डिस्क्लोजर स्कीम (PDS) का ही नया और विस्तृत संस्करण है, जिसके अंतर्गत योग्य लेकिन चयनित न हो पाने वाले उम्मीदवारों को एक नया अवसर मिलेगा।
क्या है ‘प्रतिभा सेतु’ योजना?
UPSC के योग्य लेकिन गैर-अनुशंसित उम्मीदवारों के लिए अवसर
‘प्रतिभा सेतु’ एक डिजिटल डेटा प्लेटफॉर्म है, जिसमें उन उम्मीदवारों की जानकारी होती है जिन्होंने UPSC की सभी चरणों की परीक्षा (प्री, मेंस, इंटरव्यू) तो पास की लेकिन फाइनल मेरिट लिस्ट में नहीं आ पाए। इन उम्मीदवारों की सहमति से उनका शैक्षणिक विवरण और संपर्क जानकारी इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाती है।
यह जानकारी न केवल सरकारी विभागों को बल्कि निजी कंपनियों को भी प्रदान की जाती है, जिससे वे इन योग्य उम्मीदवारों को रोजगार के अवसर दे सकें।
कैसे करता है काम ‘प्रतिभा सेतु’?
एक पारदर्शी और उपयोगी प्रक्रिया
पहले UPSC केवल चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी करता था, लेकिन अब इस योजना के तहत गैर-अनुशंसित लेकिन इच्छुक उम्मीदवारों की जानकारी भी सार्वजनिक की जाती है।
- उम्मीदवार की सहमति: योजना में केवल वही उम्मीदवार शामिल किए जाते हैं जो अपनी जानकारी साझा करने के लिए स्वेच्छा से अनुमति देते हैं।
- डेटा बैंक तैयार: अब तक 10,000 से अधिक ऐसे उम्मीदवारों का डेटा बैंक तैयार हो चुका है।
- सरकारी और निजी संस्थाएं कर सकती हैं लॉगिन: UPSC इन संस्थाओं को लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्रदान करता है, जिसके माध्यम से वे उपयुक्त उम्मीदवारों की तलाश कर सकते हैं।
- उम्मीदवारों की जानकारी: इस पोर्टल पर शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और संपर्क विवरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदु होते हैं।
कौन-कौन सी परीक्षाएं शामिल हैं?
इस योजना के तहत UPSC की कई परीक्षाओं के गैर-अनुशंसित उम्मीदवार शामिल किए जाते हैं:
- सिविल सेवा परीक्षा (IAS/IPS/IFS)
- भारतीय वन सेवा परीक्षा
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF)
- इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा
- कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS)
- कंबाइंड मेडिकल सर्विसेज (CMS)
- भारतीय आर्थिक सेवा/ सांख्यिकी सेवा
- कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट परीक्षा
इस योजना का महत्व क्यों है?
UPSC के बाहर भी उज्जवल भविष्य की संभावना
- नौकरी के नए अवसर: लाखों छात्र वर्षों तक UPSC की तैयारी करते हैं। लेकिन अंतिम चयन न होने पर कई बार उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं होता। यह योजना उन्हें प्राइवेट और सरकारी सेक्टर में संभावनाएं देती है।
- योग्यता का सम्मान: यह पहल इस बात को मान्यता देती है कि जो उम्मीदवार इंटरव्यू तक पहुंचते हैं, वे भी उतने ही योग्य होते हैं जितने कि चयनित उम्मीदवार।
- कंपनियों को लाभ: कंपनियों को भी प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं की तलाश होती
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Author: AK
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