अमेरिका की जगह अब जर्मनी, कनाडा, आयरलैंड, मलेशिया और नॉर्वे जैसे देश विदेश पढ़ाई के लिए बन रहे हैं बेहतर विकल्प, जानिए क्यों।
Top 5 Budget-Friendly Countries for Studying Abroad
विदेश में पढ़ाई के लिए अमेरिका के अलावा भी हैं बेहतर विकल्प
हर साल लाखों भारतीय छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेशों का रुख करते हैं। परंपरागत रूप से अमेरिका को सबसे बेहतर विकल्प माना जाता रहा है, लेकिन बदलते वैश्विक हालात और अमेरिकी वीजा नियमों में सख्ती के कारण अब स्टूडेंट्स दूसरे देशों को प्राथमिकता देने लगे हैं। अमेरिका में पढ़ाई का खर्च अधिक है और अब वीजा पाना भी पहले जितना आसान नहीं रहा। ऐसे में हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे बजट-फ्रेंडली देश, जहां आप कम खर्च में क्वालिटी एजुकेशन हासिल कर सकते हैं।
क्यों जरूरी है अमेरिका के अलावा विकल्प तलाशना?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के चलते भारतीय छात्रों को वीजा संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मार्च 2025 में 10,000 छात्रों के ऑफर लेटर रद्द होने की खबर ने कई परिवारों को झटका दिया। इसके बाद भारतीय स्टूडेंट्स का झुकाव उन देशों की ओर हुआ, जहां पढ़ाई सस्ती है, वीजा आसान है और भविष्य में नौकरी की संभावनाएं भी बेहतर हैं।
जर्मनी: शिक्षा मुफ्त, अवसर बेशुमार
ट्यूशन फीस और खर्च
जर्मनी में पब्लिक यूनिवर्सिटीज इंटरनेशनल स्टूडेंट्स से ट्यूशन फीस नहीं लेती हैं। सिर्फ सेमेस्टर शुल्क (₹13,500 से ₹22,500) देना होता है।
प्रमुख विश्वविद्यालय
- टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख
- हीडलबर्ग यूनिवर्सिटी
- लुडविग-मैक्सिमिलियंस यूनिवर्सिटी म्यूनिख
जीवनयापन खर्च और अवसर
मासिक खर्च ₹72,000–₹90,000 के बीच होता है। स्टूडेंट्स को 20 घंटे प्रति सप्ताह काम करने की अनुमति है। पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा 18 महीनों के लिए मिलता है।
कनाडा: पढ़ाई के साथ स्थायी निवास का भी मौका
ट्यूशन फीस और स्कॉलरशिप
ट्यूशन फीस ₹9–18 लाख प्रति वर्ष के बीच है, लेकिन स्कॉलरशिप से इसे कम किया जा सकता है। यहां पढ़ाई के बाद स्थायी निवास (PR) पाने की संभावना भी अधिक होती है।
प्रमुख विश्वविद्यालय
- यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो
- यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया
- मैकगिल यूनिवर्सिटी
माहौल और अवसर
मल्टीकल्चरल समाज, सुरक्षित वातावरण और 3 साल तक का पोस्ट-ग्रेजुएट वर्क परमिट (PGWP) इस देश को भारतीय छात्रों के लिए आदर्श बनाता है।
आयरलैंड: खूबसूरती के साथ उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा
खर्च और कोर्सेस
ट्यूशन फीस ₹8.5–22 लाख के बीच होती है। टेक्नोलॉजी, मानविकी और विज्ञान में अच्छे कोर्स उपलब्ध हैं। यहां की अधिकतर पढ़ाई अंग्रेजी में होती है।
प्रमुख विश्वविद्यालय
- ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन
- यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन
- नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ आयरलैंड, गॉलवे
लाभ
20 घंटे प्रति सप्ताह पार्ट-टाइम काम की सुविधा और दो साल का पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा इस देश को छात्रों के लिए व्यावहारिक बनाता है।
मलेशिया: भारत के पास, खर्च में किफायती
सस्ती पढ़ाई और जीवनयापन
ट्यूशन फीस ₹2–6 लाख प्रति वर्ष के बीच होती है। रहने का खर्च भारत के समान ₹30,000–₹50,000 प्रति माह है।
प्रमुख विश्वविद्यालय
- यूनिवर्सिटी ऑफ मलाया
- यूनिवर्सिटी ऑफ पुट्रा मलेशिया
- मोनाश यूनिवर्सिटी मलेशिया
विशेषताएं
यहां पढ़ाई अंग्रेजी में होती है और भारत से निकटता के कारण यात्रा भी सस्ती पड़ती है। कई कोर्स यूके और ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से संचालित होते हैं।
नॉर्वे: बिना ट्यूशन फीस के पढ़ाई
ट्यूशन फीस और स्कॉलरशिप
नॉर्वे की पब्लिक यूनिवर्सिटीज में कोई ट्यूशन फीस नहीं ली जाती। सिर्फ सेमेस्टर शुल्क (₹4,500–₹9,000) देना होता है।
प्रमुख विश्वविद्यालय
- यूनिवर्सिटी ऑफ ओस्लो
- नॉर्वेजियन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी
- यूनिवर्सिटी ऑफ बर्गन
खर्च और लाभ
मासिक खर्च ₹76,000–₹1,60,000 के बीच हो सकता है, लेकिन स्टूडेंट्स को विभिन्न डिस्काउंट उपलब्ध हैं। 20 घंटे प्रति सप्ताह काम करने की अनुमति और पोस्ट-स्टडी वीजा की सुविधा मिलती है।
काम की बातें जो हर छात्र को जाननी चाहिए
स्कॉलरशिप की संभावनाएं
- जर्मनी: DAAD स्कॉलरशिप
- कनाडा: वैनियर ग्रेजुएट स्कॉलरशिप
- आयरलैंड: आयरिश गवर्नमेंट स्कॉलरशिप
- मलेशिया: Malaysia International Scholarship (MIS)
- नॉर्वे: नॉर्वेजियन स्टेट एजुकेशनल लोन फंड
पार्ट-टाइम काम की सुविधा
सभी देशों में 20 घंटे प्रति सप्ताह काम करने की अनुमति है। इससे छात्र अपनी जरूरतों को खुद पूरा कर सकते हैं और फाइनेंशियल लोड कम होता है।
भाषा का महत्त्व
अधिकतर प्रोग्राम अंग्रेजी में होते हैं, लेकिन स्थानीय भाषा सीखने से नौकरी और सामाजिक जुड़ाव में आसानी होती है।
निष्कर्ष: सोच-समझकर लें विदेश पढ़ाई का निर्णय
अमेरिका की जगह अब भारतीय छात्र जर्मनी, कनाडा, आयरलैंड, मलेशिया और नॉर्वे जैसे देशों की ओर रुख कर रहे हैं। इन देशों में न केवल कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध है, बल्कि रोजगार और स्थायी निवास की बेहतर संभावनाएं भी हैं। अगर आप विदेश में पढ़ाई का सपना देख रहे हैं, तो इन विकल्पों पर अवश्य विचार करें। सही योजना और रिसर्च के साथ आपका यह सपना हकीकत में बदला जा सकता है।
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Author: AK
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