लोकसभा चुनाव को लेकर पूरा देश लोकतंत्र के उत्सव में रंगा हुआ है वहीं कृष्णनगरी मथुरा होली के उत्सव में सराबोर है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना, नंदगांव और गोकुल की विश्व प्रसिद्ध होली खेलने के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु कान्हा नगरी पहुंचते हैं। मथुरा में इन दिनों होली की धूम मची है। हुरियारें और हुरियारिन होली की मस्ती में डूबे हैं। ब्रज में होली खेलने का सिलसिला 17 मार्च से शुरू हो चुका है और ये 27 मार्च तक जारी रहेगा। देश-विदेश से आए कान्हा के भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है। श्री बांके बिहारी मंदिर में रंगभरी एकादशी पर ठाकुर जी चांदी और सोने की पिचकारी से होली खेल रहे हैं। लड्डू मार होली और लट्ठमार होली के बाद रंगभरी एकादशी पर मंदिरों में होली का उल्लास देखा गया ।







रंगभरी एकादशी के अवसर पर भगवान राधा कृष्ण की भूमि वृंदावन में आस्था का सैलाब उमड़ा। पांच कोस की परिक्रमा में स्थिति ऐसी रही कि पैर रखने की जगह नहीं। पूरे परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालु भगवान के भजन गाते हुए रंग गुलाल उड़ाते हुए परिक्रमा दे रहे थे। रंगभरी एकादशी पर्व से मथुरा वृंदावन के मंदिरों में भी जमकर रंग गुलाल उड़ाया गया। विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य के साथ जमकर होली खेली। साथ ही अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिए भक्त आतुर नजर आए। वहीं मथुरा में बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर फूलों से होली गई। भगवान कृष्ण अपने सखाओं के साथ सजधज कर राधा जी से मिलने पहुंचे। वहां पर राधा जी पहले से ही उनका इंतजार कर रही थी। उनके साथ सखियां भी थी। कृष्ण के पहुंचने पर राधा जी ने सखियों के साथ उनका स्वागत किया। उन्हें रंग और गुलाल लगाया। उसके बाद बांसुरी की धुन पर एक साथ नृत्य किया। इस दौरान उन पर फूल पर बरसाए गए। पूरा परिसर ‘जय राधे जय कृष्णा, जय हो वृंदावन’ के गीतों से गूंज उठा।




बता दें कि सोमवार और मंगलवार को बरसाना और नंदगांव में लट्ठमार होली खेली गई। गुरुवार को वृन्दावन के बांके बिहारी मंदिर में फूलवालों की होली खेली जाएगी और गोकुल में छड़ीमार होली खेली जाएगी और मथुरा में भगवान कृष्ण के जन्मस्थान मंदिर और पूरे मथुरा में विशेष आयोजन होगा और होली भी मनाई जाएगी। 22 मार्च शुक्रवार को गोकुल होली मनाई जाएगी और रमण रेती दर्शन किए जाएंगे। 24 मार्च रविवार को होलिका दहन द्वारकाधीश मंदिर डोला और मथुरा विश्राम घाट, बांके बिहारी वृन्दावन में होलिका दहन किया जाएगा। वहीं फालैन का पंडा जलती होली से निकलेगा। 25 मार्च सोमवार को द्वारकाधीश बृज में धुलंडी होली मनाई जाएगी। इसमें टेसू फूल/अबीर गुलाल होली और रंग-बिरंगे पानी की होली खेली जाएगी। 26 मार्च को दाऊजी हुरंगा होगा और 26 मार्च को ही जाव का हुरंगा होगा। इसी दिन मुखराई में चरकुला नृत्य होगा।
27 मार्च को गिडोह का हुरंगा होगा।
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Author: Abhishek Kumar
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