दुनिया में केवल एक देश ऐसा है जो अपने नागरिकों के लिए हर तरह का भोजन खुद उगाता है। जानिए गुयाना की पूरी कहानी।
The Only Country Fully Self-Sufficient in Food
परिचय: क्या कोई देश सच में बिना आयात के जी सकता है?
आज की दुनिया में शायद ही कोई ऐसा देश हो जो अपने नागरिकों के खाने की हर चीज खुद पैदा करता हो। गेहूं कहीं से आता है, दाल कहीं से, तेल कहीं और से। वैश्विक व्यापार पर लगभग हर देश निर्भर है। लेकिन इन सबके बीच एक देश ऐसा भी है जिसने चुपचाप वह कर दिखाया है, जो आज तक पृथ्वी का कोई दूसरा देश नहीं कर पाया।
यह देश अपने लोगों के लिए फल, सब्जी, अनाज, दूध, मांस, मछली, दालें और तेल — सब कुछ खुद उगाता है। बाहर से एक दाना भी भोजन नहीं मंगाता। इस देश का नाम है गुयाना।

दुनिया का अकेला देश जो 100% भोजन में आत्मनिर्भर है
दक्षिण अमेरिका में स्थित गुयाना आज दुनिया का इकलौता फूड-सेल्फ सफिशिएंट देश है। इसकी कुल आबादी लगभग 8 लाख है और यह अपनी पूरी आबादी के लिए सभी जरूरी खाद्य श्रेणियों में पर्याप्त उत्पादन करता है।
अगर आज दुनिया भर से उसका व्यापार पूरी तरह बंद भी हो जाए, तब भी वहां किसी को भूखा नहीं रहना पड़ेगा। यही वजह है कि गुयाना को आज वैश्विक खाद्य सुरक्षा का मॉडल देश माना जा रहा है।

186 देशों के अध्ययन में गुयाना क्यों बना नंबर-1
यह जानकारी किसी अनुमान पर आधारित नहीं है। नेचर फूड नामक अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका में प्रकाशित एक बड़े अध्ययन में 186 देशों का विश्लेषण किया गया।
इस शोध में देखा गया कि कौन-कौन से देश खानपान की सात जरूरी श्रेणियों में अपनी पूरी आबादी की जरूरत पूरी कर सकते हैं। नतीजा चौंकाने वाला था —
सिर्फ गुयाना ही ऐसा देश निकला जो सभी सात श्रेणियों में आत्मनिर्भर है।
खानपान की सात श्रेणियां क्या होती हैं?
1. स्टार्च वाले मुख्य खाद्य पदार्थ
इसमें चावल, गेहूं, मक्का, आलू, शकरकंद और कसावा जैसे खाद्य आते हैं।
गुयाना चावल उत्पादन में इतना समृद्ध है कि अपनी जरूरत से ज्यादा चावल पैदा करता है।
2. फलियां, मेवे और बीज
दालें, मूंगफली, सोयाबीन और बीज गुयाना में स्थानीय स्तर पर उगाए जाते हैं।
3. सब्जियां
हरी पत्तेदार सब्जियों से लेकर स्थानीय सब्जियों तक, सब कुछ देश के भीतर उगता है।
4. फल
उष्णकटिबंधीय जलवायु के कारण गुयाना में सालभर फल उपलब्ध रहते हैं।
5. डेयरी उत्पाद
दूध, दही और अन्य दुग्ध उत्पादों में भी यह देश आत्मनिर्भर है।
6. मांस
मुर्गी, बीफ और पोर्क जैसे मांस उत्पाद देश के भीतर ही तैयार होते हैं।
7. मछली
समुद्री और मीठे पानी की मछलियां गुयाना की आबादी की जरूरत पूरी करती हैं।
अगर वैश्विक व्यापार रुक जाए तो कौन सा देश सुरक्षित रहेगा?
आज जब युद्ध, महामारी और आर्थिक संकट के कारण सप्लाई चेन कभी भी बाधित हो सकती है, ऐसे समय में गुयाना दुनिया का सबसे सुरक्षित देश माना जा सकता है।
दुनिया का कोई भी बड़ा देश — अमेरिका, चीन, रूस या भारत — इस स्थिति में खुद को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कह सकता।
केवल गुयाना ऐसा देश है जो हर हाल में अपने नागरिकों को संतुलित भोजन दे सकता है।

क्षेत्रफल गुजरात जितना, आबादी बेहद कम
गुयाना का क्षेत्रफल लगभग भारत के गुजरात राज्य के बराबर है, लेकिन आबादी के मामले में यह बेहद छोटा देश है।
- गुजरात की आबादी: लगभग 6 करोड़
- गुयाना की आबादी: लगभग 8 लाख
कम आबादी और उपजाऊ भूमि ने गुयाना को आत्मनिर्भर बनने में बड़ी मदद की।
गुयाना की मिट्टी, पानी और जलवायु का कमाल
यह देश भूमध्य रेखा के करीब स्थित है, जहां सालभर गर्म मौसम, भरपूर बारिश और उच्च आर्द्रता रहती है।
इसके अलावा अमेज़न नदी प्रणाली द्वारा लाई गई उपजाऊ चिकनी मिट्टी इसकी खेती की सबसे बड़ी ताकत है।
सबसे खास बात यह है कि गुयाना ने खेती के नाम पर अपने जंगल नष्ट नहीं किए।
आज भी देश का 85 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र घने वनों से ढका हुआ है।
भारतीय मूल के लोगों ने कैसे बदली गुयाना की तस्वीर
गुयाना की लगभग 40 प्रतिशत आबादी भारतीय मूल की है।
19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान भारत से हजारों लोगों को गन्ने के बागानों में काम के लिए यहां भेजा गया था।
ये लोग मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के इलाकों से थे।
आज उनके वंशज गुयाना की खेती, व्यापार और खानपान की रीढ़ हैं।
गुयाना में दिखता है भारत का स्वाद
दाल पूरी
यह बिहार और पूर्वी यूपी की दाल भरी रोटी जैसी होती है।
कढ़ी और भजिया
बेसन से बने पकवान, आम की चटनी के साथ परोसे जाते हैं।
रोटियां
सादा रोटी और परतदार “बश-अप-शर्ट” रोटी बेहद लोकप्रिय है।
गुयानी करी
भारतीय मसालों पर आधारित करी, जिसमें स्थानीय मिर्च का इस्तेमाल होता है।
सात भाजी
शादियों और पूजा में परोसा जाने वाला खास भोजन, जो भारतीय भंडारे जैसा अनुभव देता है।
बड़े देश क्यों नहीं बन पाए पूरी तरह आत्मनिर्भर?
- अमेरिका केवल 4 श्रेणियों में आत्मनिर्भर
- ब्रिटेन सिर्फ 2 श्रेणियों में
- चीन और वियतनाम 6 श्रेणियों में
कोई भी बड़ा देश सातों श्रेणियों में आत्मनिर्भर नहीं है।
भारत पूरी तरह खाद्य आत्मनिर्भर क्यों नहीं?
भारत अनाज, दूध, फल, सब्जी और मछली में मजबूत है, लेकिन
- दालों में 10–15% आयात
- खाद्य तेलों में 55–60% निर्भरता
यही कारण है कि भारत अभी पूर्ण आत्मनिर्भर नहीं बन पाया।
गुयाना ने यह उपलब्धि कैसे हासिल की?
पिछले कुछ वर्षों में गुयाना सरकार ने
- कृषि बजट में 468% बढ़ोतरी
- सिंचाई और जल निकासी पर निवेश
- किसानों की शिक्षा और प्रशिक्षण
- डेयरी, मक्का, सोयाबीन पर फोकस
इस दीर्घकालिक नीति ने देश की तस्वीर बदल दी।
निष्कर्ष: दुनिया के लिए गुयाना एक सबक
गुयाना यह साबित करता है कि
छोटा देश होने के बावजूद
सही नीति, संतुलित खेती और पर्यावरण संरक्षण के साथ
पूर्ण खाद्य आत्मनिर्भरता संभव है।
आज जब दुनिया खाद्य असुरक्षा से जूझ रही है,
गुयाना भविष्य की दिशा दिखाने वाला देश बन चुका है।
दुनिया का अकेला देश
खाद्य आत्मनिर्भर देश
गुयाना कृषि मॉडल
food self sufficient country
भारतीय मूल आबादी गुयाना
food security model country
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Author: AK
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