
पांच राज्यों में चुनावी कार्यक्रम की घोषणा से पहले चुनाव आयोग ने पर्यवेक्षकों की बैठक आज राजधानी दिल्ली में चल रही है। जिसमें पांचों राज्यों के इलेक्शन ऑर्ब्जर्व्स शामिल हैं। बैठक में चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार भी मौजूद हैं। इससे पहले आयोग अब तक राजस्थान, मिजोरम, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में चुनाव तैयारियों का जायजा ले चुका है। आज ऑब्जर्व्स की बैठक के बाद अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। चुनाव आयोग की इस बैठक के बाद पूरे देश को इन पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों के एलान का इंतजार है। लेकिन चुनाव की घोषणा से पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुफ्त की रेवड़ी बांटने जैसी घोषणाओं और योजनाओं पर सख्त रवैया अपनाया है। कोर्ट ने टैक्स पेयर्स के खर्च पर कैश और मुफ्त वस्तुओं के कथित वितरण पर एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश सरकार, राजस्थान सरकार और भारत के चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया। मुफ्त की घोषणाओं पर पहले से लंबित याचिका के साथ इस मामले को भी जोड़ा गया है। याचिकाकर्ता भट्टूलाल जैन का कहना था कि चुनावी लाभ के लिए बनाई जा रही योजनाओं से आखिरकार आम लोगों पर ही बोझ पड़ता है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि चुनाव से पहले सभी तरह के वादे किए जाते हैं। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि यहां सिर्फ वादों की बात नहीं हो रही है। इसकी वजह से नेट वर्थ निगेटिव हो रहा है। नेता जिला जेल को बेचने तक की हद तक चले गए हैं। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अदालत ने इनसे 4 हफ्ते में जवाब मांगा है।
Author: AK
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