मंगल, अप्रैल 14, 2026

सिक्किम यूनिवर्सिटी भी देगा फ़ीमेल स्टूडेंट्स को 2 दिनों की मेंस्ट्रुअल लीव, जानें भारत के किन किन कॉलेज में मिलती है पीरियड लीव…

Sikkim University Introduces 2-Day Menstrual Leave for Female Students: Check Colleges in India Offering Period Leave

देशभर में महिलाओं और छात्राओं को पीरियड या मासिक धर्म के दौरान काम और यूनिवर्सिटी से छुट्टी देने की व्‍यवस्‍था करने की मांग लंबे समय से उठ रही है। वहीं इस बीच सिक्किम यूनिवर्सिटी ने अनूठी ओर सराहनीय पहल करते हुए एक नया संदेश दिया है। सिक्किम यूनिवर्सिटी अब छात्राओं के लिए हर महीने एक दिन की मेन्स्ट्रुअल लीव की परमिशन दी है।

बता दें कि बीते 4 दिसंबर को सिक्किम यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार लक्ष्मण शर्मा ने इसका नोटिफिकेशन जारी किया है। और बताया है कि, बीते महीने ही सिक्किम यूनिवर्सिटी छात्र संघ (SUSA) ने इसकी मांग की थी।
तब इस बाबत रजिस्ट्रार ने कहा था कि, वाइस चांसलर ने यूनिवर्सिटी की छात्राओं को प्रत्येक महीने एक दिन का मेन्स्ट्रुअल लीव देने की स्वीकृति दी है। हालांकि, ये लीव परीक्षा के समय नहीं मिलेगी।

Sikkim University Introduces 2-Day Menstrual Leave for Female Students: Check Colleges in India Offering Period Leave

मालूम हो कि, बीते 25 अगस्त को सिक्किम हाई कोर्ट ने एक जरुरी कदम उठाते हुए अपनी महिला कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश नीति शुरू की थी, जो भारत में किसी भी हाई कोर्ट के लिए पहली बार है।

बीते 27 मई को घोषित की गई इस नीति में रजिस्ट्री में कार्यरत महिला कर्मचारियों को हर महीने “2-3 दिन की मासिक धर्म छुट्टी” लेने की अनुमति दी गई थी। उल्लेखनीय रूप से, यह छुट्टी कर्मचारी के कुल अवकाश शेष से भी नहीं काटी जाएगी और इसके लिए हाई कोर्ट के चिकित्सा अधिकारी की परमीशन की आवश्यकता होगी।

स्मृति ईरानी कर चुकी हैं विरोध

दिसंबर 2023 में, महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मासिक धर्म अवकाश के विचार का विरोध किया था। उन्होंने तब इस बात पर जोर दिया था कि मासिक धर्म को एक बाधा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और संभावित भेदभाव के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने कहा था कि समान अवसरों को मासिक धर्म पर अलग-अलग विचारों से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
लेकिन फिर दिसंबर 2023 को ही स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने महिलाओं के खिलाफ भेदभाव को रोकने के लिए घर से काम करने के विकल्प या सहायक अवकाश का सुझाव देते हुए मासिक धर्म स्वच्छता नीति का मसौदा भी तैयार किया था।

बिहार बना था पहला राज्य

जानकारी के लिए बता दें कि देश में बिहार और केरल दो ही ऐसे भारतीय राज्य हैं, जिन्होंने महिलाओं के लिये मासिक धर्म अवकाश नीतियाँ लागू की हैं। इनमें सबसे पहले बिहार सरकार ने साल 1992 में पीरियड लीव देने की पॉलिसी बनाई थी। इसके तहत महिलाओं को हर माह 2 दिन का पेड मेंस्ट्रुअल लीव मिलता है। वहीं, केरल ने साल 2023 में, सभी यूनिवर्सिटीज और संस्थानों की छात्राओं को पीरियड लीव देने का प्रावधान बनाया है और अब सिक्किम युनिवर्सिटी भी इस सूची में शामिल हो गई है।

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Author: AK

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