बुध, फ़रवरी 4, 2026

Severe Cold to Return: फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड, दो दिन की गर्मी के बाद बदलेगा मौसम

Severe Cold to Return After Brief Warm Spell in North India

उत्तर भारत में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं के बाद तापमान गिरेगा और कड़ाके की ठंड फिर लौटेगी।

Severe Cold to Return After Brief Warm Spell in North India


भूमिका: अचानक गर्मी के बाद ठंड की वापसी क्यों?

जनवरी का महीना आमतौर पर उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के लिए जाना जाता है, लेकिन बीच-बीच में मौसम ऐसा करवट लेता है कि लोग हैरान रह जाते हैं। पिछले कुछ दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में दिन के तापमान में अचानक बढ़ोतरी देखी गई। लोगों को लगा कि शायद सर्दी अब विदा लेने वाली है, लेकिन मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह सिर्फ एक अस्थायी बदलाव है। दरअसल, दो पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता के कारण मौसम का मिजाज फिर से बदलने वाला है और ठंड पूरी ताकत के साथ लौटेगी।


उत्तर भारत के मौसम में बदलाव की वजह

उत्तर भारत का मौसम मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभों से प्रभावित होता है। ये विक्षोभ भूमध्य सागर से चलते हुए हिमालयी क्षेत्र तक पहुंचते हैं और अपने साथ नमी लेकर आते हैं।

पश्चिमी विक्षोभ क्या होते हैं?

पश्चिमी विक्षोभ ऐसे मौसमी सिस्टम होते हैं जो सर्दियों में उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी का कारण बनते हैं। जब ये सक्रिय होते हैं, तो पहाड़ी इलाकों में बर्फ गिरती है और मैदानी क्षेत्रों में बारिश, बादल और तेज हवाएं चलती हैं।

दो दिन की गर्मी क्यों पड़ी?

मौसम विभाग के अनुसार हाल के दिनों में पश्चिमी विक्षोभों के बीच का अंतराल बढ़ गया था। इस दौरान आसमान साफ रहा, धूप निकली और हवाएं कमजोर पड़ीं। इसी कारण दिन के तापमान में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली और लोगों को हल्की गर्मी का अहसास हुआ।


22 से 28 जनवरी के बीच बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 22 जनवरी से मौसम एक बार फिर करवट लेगा। इस दौरान लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेंगे।

पहला पश्चिमी विक्षोभ: 22-23 जनवरी

पहला सिस्टम अपेक्षाकृत कमजोर होगा, लेकिन इसका असर साफ दिखाई देगा। पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना है।

दूसरा पश्चिमी विक्षोभ: 26-28 जनवरी

दूसरा पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा प्रभावी बताया जा रहा है। इसके कारण व्यापक बारिश, भारी बर्फबारी और तेज हवाएं चल सकती हैं। इसी सिस्टम के बाद ठंड का असली असर महसूस होगा।


पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का दौर

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 22 से 26 जनवरी के बीच व्यापक बर्फबारी की संभावना है। खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात हो सकता है। इससे तापमान और गिर जाएगा और शीतलहर तेज होगी।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 23 जनवरी के आसपास भारी बर्फबारी के आसार हैं। कई पर्यटक स्थलों पर सड़कों के बंद होने की आशंका भी जताई जा रही है।


मैदानी इलाकों में बारिश और तेज हवाएं

पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश

इन राज्यों में 22 से 24 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 और 24 जनवरी को बारिश हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और ठंड बढ़ेगी।


दिल्ली-एनसीआर में क्या रहेगा असर?

दिल्ली और आसपास के इलाकों में फिलहाल लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली हुई है। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है और दिन का तापमान 25 से 26 डिग्री तक पहुंच गया है।

दिल्ली में पहली बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार 23 जनवरी को दिल्ली में इस सर्दी की पहली बारिश हो सकती है। इसके बाद 26 से 28 जनवरी के बीच एक और बारिश की लहर आने की संभावना है।

गणतंत्र दिवस पर मौसम

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन हल्की बारिश की आशंका जताई जा रही है। हालांकि यह अभी शुरुआती अनुमान है, लेकिन मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है।


बारिश के बाद क्यों बढ़ेगी ठंड?

कई लोग सोचते हैं कि बारिश से ठंड कम होनी चाहिए, लेकिन सर्दियों में इसका उल्टा असर देखने को मिलता है।

उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं

बारिश और बर्फबारी के बाद उत्तर-पश्चिम दिशा से ठंडी हवाएं चलने लगती हैं। ये हवाएं हिमालयी क्षेत्रों से आती हैं और तापमान को तेजी से नीचे गिरा देती हैं।

नमी और कोहरे का असर

बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ जाती है। जब तापमान गिरता है, तो कोहरा और पाला पड़ने की स्थिति बनती है, जिससे ठंड और ज्यादा महसूस होती है।


प्रदूषण पर पड़ेगा असर

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के अन्य बड़े शहरों में प्रदूषण लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है।

बारिश से मिलेगी राहत

बारिश होने से हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक तत्व नीचे बैठ जाते हैं, जिससे एयर क्वालिटी में सुधार होता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के बाद प्रदूषण स्तर में अस्थायी गिरावट देखने को मिलेगी।

ठंड के साथ फिर बढ़ सकता है प्रदूषण

हालांकि ठंड बढ़ने और हवाएं कमजोर पड़ने पर प्रदूषण दोबारा बढ़ सकता है। इसलिए यह राहत ज्यादा समय तक नहीं रह सकती।


किसानों और आम लोगों पर असर

किसानों के लिए फायदेमंद बारिश

रबी फसलों के लिए यह बारिश काफी हद तक फायदेमंद मानी जा रही है। गेहूं, सरसों और चने की फसल को इससे नमी मिलेगी।

आम लोगों को बरतनी होगी सावधानी

तेज ठंड और हवाओं के कारण बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है।


आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग का कहना है कि जनवरी के आखिरी सप्ताह में उत्तर भारत एक बार फिर ठिठुरती सर्दी की चपेट में रहेगा। तापमान में तेज गिरावट, शीतलहर और कोहरे की स्थिति बन सकती है।


निष्कर्ष

दो दिन की गर्मी ने भले ही लोगों को सर्दी खत्म होने का एहसास कराया हो, लेकिन हकीकत इससे अलग है। दो पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता के चलते उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड फिर लौटने वाली है। पहाड़ों में भारी बर्फबारी, मैदानों में बारिश और तेज हवाओं के बाद तापमान में गिरावट आएगी। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम के इस बदलाव के लिए तैयार रहें और सावधानी बरतें, क्योंकि सर्दी अभी पूरी तरह विदा लेने के मूड में नहीं है।

यह भी पढ़ेTRAI ने जारी किए नए सिम कार्ड Rule, अब नहीं करवाना पड़ेगा महंगा रिचार्ज, यहां देखें पूरी डिटेल्स

यह भी पढ़ेBAFTA Awards 2025:ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ समेत 4 भारतीय फिल्मों का देखेगा BAFTA 2025 में जलवा , यहां देखें फिल्मों की लिस्ट

उत्तर भारत मौसम, कड़ाके की ठंड, Western Disturbance India, दिल्ली बारिश मौसम, पहाड़ों में बर्फबारी, North India Weather Update

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Discover more from DW Samachar

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading