बुध, फ़रवरी 25, 2026

Rahul Gandhi on ECI: राहुल गांधी का बड़ा आरोप, चुनाव आयोग पर वोट चोरी की मिली जानकारी

Rahul Gandhi’s Big Attack on PM Over Epstein Files

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि आलंद विधानसभा क्षेत्र में 6018 वोट फर्जी तरीके से डिलीट किए गए।

Rahul Gandhi on ECI: Allegations of Vote Theft and Suppression


राहुल गांधी का आरोप: वोट चोरी पर चुनाव आयोग पर उठे गंभीर सवाल

भारत में लोकतंत्र की मजबूती और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली हमेशा से चर्चा का विषय रही है। विपक्षी दल समय-समय पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन हाल ही में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिस तरह के आरोप लगाए हैं, उन्होंने भारतीय राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में हजारों मतदाताओं के नाम सुनियोजित तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग के भीतर से ही अब कांग्रेस को जानकारी मिल रही है, जिसने इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।


वोट चोरी पर राहुल गांधी का दावा

राहुल गांधी ने बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग और विशेषकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आलंद विधानसभा क्षेत्र में 6,018 वोटरों के नाम बिना किसी सूचना के हटा दिए गए। यह कार्रवाई कांग्रेस समर्थक मतदाताओं को निशाना बनाकर की गई।

राहुल गांधी ने खुलासा किया कि मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया, वे कर्नाटक के बाहर के थे। इसका मतलब है कि यह पूरी कार्रवाई एक बड़े नेटवर्क के तहत की गई, जो केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है।


चुनाव आयोग के भीतर से जानकारी मिलने का दावा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि अब उन्हें चुनाव आयोग के अंदर से ही जानकारी मिलने लगी है। उन्होंने इसे “रोचक लेकिन चौंकाने वाली बात” बताया। उनका कहना था कि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ, लेकिन अब आयोग के कुछ अधिकारी ही अंदरूनी जानकारी साझा कर रहे हैं।

राहुल गांधी के मुताबिक, यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है और आगे और भी खुलासे होंगे। उन्होंने संकेत दिया कि यह तो केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में इससे भी बड़े सबूत सामने लाए जाएंगे।


मतदाता सूची घोटाले का तरीका

राहुल गांधी ने मंच पर कुछ ऐसे लोगों को भी प्रस्तुत किया जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे या जिनके नाम का इस्तेमाल करके फर्जी आवेदन दिए गए थे। यह स्पष्ट संकेत था कि पूरी कार्रवाई सुनियोजित तरीके से की गई थी।

उन्होंने बताया कि मतदाताओं को इसकी जानकारी तक नहीं थी कि उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। जब वे मतदान के लिए पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि उनका नाम लिस्ट में मौजूद ही नहीं है।


आलंद से महाराष्ट्र तक फैला नेटवर्क

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह मामला सिर्फ कर्नाटक तक सीमित नहीं है। उन्होंने महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के राजौरा विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण दिया। उनके अनुसार, यहां भी फर्जी तरीके से 6,850 नाम जोड़े गए। यह बताता है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी केवल एक राज्य का मुद्दा नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर हो रही है।


कांग्रेस की मांग और चुनाव आयोग की भूमिका

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से साफ-साफ कहा कि एक सप्ताह के भीतर वह कर्नाटक की सीआईडी को सभी आवश्यक जानकारी साझा करे। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि आयोग और उसके अधिकारी “वोट चोरों” को संरक्षण दे रहे हैं।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि वे लोकतंत्र की रक्षा करने के बजाय लोकतंत्र को कमजोर करने वालों की मदद कर रहे हैं।


लोकतंत्र की मजबूती पर असर

यह मामला सिर्फ वोट चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है। भारत जैसे देश में जहां करोड़ों लोग मतदान करते हैं, वहां मतदाता सूची से नाम गायब होना बेहद गंभीर मुद्दा है।

राहुल गांधी का कहना था कि वे देश और संविधान से बेहद प्रेम करते हैं और तथ्यों के बिना कोई भी आरोप नहीं लगाएंगे। यही कारण है कि उन्होंने मंच से सबूत पेश किए और पीड़ित लोगों को भी सामने लाकर दिखाया।


पहले भी उठ चुके हैं सवाल

यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने वोट चोरी का मुद्दा उठाया हो। इससे पहले भी उन्होंने पटना में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान दावा किया था कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है। उन्होंने इसे “एटम बम” बताया था और कहा था कि आगे “हाइड्रोजन बम” भी आएगा।

बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में भी उन्होंने इसी तरह की गड़बड़ी का आरोप लगाया था। वहां भी बड़ी संख्या में वोटरों के नाम या तो हटाए गए थे या फर्जी तरीके से जोड़े गए थे।


विपक्ष और सत्तापक्ष में टकराव

राहुल गांधी के इन आरोपों ने भारतीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां कांग्रेस और विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं सत्तापक्ष इन आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है।

चुनाव आयोग की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक वोट चोरी मामले में आयोग ने ही एफआईआर दर्ज कराई है।


निष्कर्ष

राहुल गांधी के आरोपों ने देशभर में चर्चा छेड़ दी है। मतदाता सूची में हेरफेर का यह मामला केवल तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नींव पर गहरी चोट है। यदि यह सच साबित होता है, तो यह भारतीय चुनावी व्यवस्था पर जनता के भरोसे को हिला सकता है।

अब यह देखना होगा कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या कांग्रेस के दावे सच्चाई साबित होते हैं। लेकिन एक बात तय है—यह मुद्दा आने वाले समय में भारतीय राजनीति का अहम केंद्र बनने वाला है।


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Author: AK

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