
छले दिनों उत्तर प्रदेश के संभल में मस्जिद के सर्वे करने को लेकर उपद्रव और मौत के बाद अभी भी प्रदेश में मामला गर्माया हुआ है। शांति बनाए रखने के लिए पुलिस संभल में तैनात है। दिल्ली से आज राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पार्टी के नेताओं के साथ संभल के लिए निकले। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने रोक लिया है। यहां बैरिकेडिंग की गई है। कांग्रेस कार्यकर्ता और पुलिस के बीच काफिला को आगे बढ़ने देने के लिए तीखी नोकझोंक हुई। राहुल गांधी के समर्थन में पूर्णियां सांसद पप्पू यादव भी यूपी बार्डर पहुंचे हैं। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, सहारनपुर सांसद इमरान मसूद, केसी वेणुगोपाल समेत कई नेता भी मौजूद रहे। राहुल के काफिला पहुंचने से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर महाजाम लग गया है।
कांग्रेस की ओर से संभल जाने के लिए अनुमति देने का अनुरोध किया जा रहा है। इससे शासन मानने को इनकार कर रहा है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गाजीपुर सीमा पर हैं। प्रियंका ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और यह उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्हें (संभल) जाने की अनुमति दी जानी चाहिए थी। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा और पार्टी के अन्य नेता संभल का दौरा करना चाहते थे। राहुल गांधी भी प्रशासन की गाड़ी में अकेले संभल जाने को तैयार थे। उन्होंने डीजीपी से भी बात की लेकिन पुलिस और प्रशासन अभी भी उन्हें रोक रहा है। इससे हमारे मन में सवाल उठ रहे हैं कि वे क्या छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि वह संभल में कुछ भी गलत करने जा रहे हैं।’ वह सिर्फ पीड़ित परिवारों से मिलना चाहते हैं। अगर डीजीपी से बात करने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकलता है तो यूपी प्रशासन और पुलिस पर कई सवाल खड़े होते हैं।
वहीं कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में संभल जा रहे हमारे प्रतिनिधिमंडल को गाजियाबाद में यूपी सीमा पर रोक दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों से मिलने से लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष को क्यों रोका? जिस व्यक्ति ने इतना दुख और क्षति झेली हो, उसके साथ खड़ा होना मानवता का मूलमंत्र है। राहुल का नारा रहा है ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’। और जब सत्ताधारी शासन ने नफरत का माहौल बना दिया है, तो विपक्ष के तौर पर हमारा कर्तव्य है कि हम करुणा, सहानुभूति और प्रेम लाएं। हम अपने देश में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव के हित में पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए दृढ़ हैं, यूपी सरकार को प्रतिनिधिमंडल को सम्भल जाने की अनुमति देनी चाहिए।






बता दें कि संभल में कोर्ट के आदेश पर 24 नवंबर को जामा मस्जिद का सर्वे किया जा रहा था। इस दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें गोली लगने से चार युवकों की मौत हो गई थी। राहुल को रोकने के लिए पुलिस मंगलवार से ही एक्टिव हो गई थी। हापुड़ में कांग्रेस जिला अध्यक्ष के घर फोर्स लगा दी गई। आसपास के जिलों में कई कांग्रेसी नेताओं के घर पुलिस पहुंच गई। कांग्रेस नेता जयराम नरेश ने कहा है-सरकार तानाशाही कर रही है। राहुल को संभल जाने से रोक रही है। इससे पहले, शनिवार को सपा और रविवार को कांग्रेस के डेलिगेशन ने भी संभल जाने का एलान किया था। हालांकि, पुलिस ने जगह-जगह घेराबंदी करके किसी को संभल नहीं जाने दिया। सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि हमारी पार्टी पहले से ही वहां जा रही थी और उन्हें भी अनुमति नहीं दी गई। वे (राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेता) अभी जा रहे हैं। सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि सरकार और प्रशासन इस पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। वे नहीं चाहते कि स्थिति सामान्य हो. उन्हें पता है कि प्रतिनिधिमंडल वहां जाकर लोगों से मिलेगा तो हकीकत सामने आ जायेगी।
Author: AK
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