बुध, फ़रवरी 4, 2026

Radhakrishnan New Vice President: सीपी राधाकृष्णन आज बनेंगे देश के नए उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दिलाएंगी शपथ, महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से दिया इस्तीफा

Radhakrishnan New Vice President

सीपी राधाकृष्णन आज भारत के नए उपराष्ट्रपति बने। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें शपथ दिलाई। जानिए उनके जीवन, करियर और चुनौतियों के बारे में।

Radhakrishnan New Vice President

सीपी राधाकृष्णन आज उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह 10 बजे उन्हें शपथ दिलाएंगी। उन्होंने चुनाव में बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से हराया। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद यह चुनाव हुआ। शपथ से पहले राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया, जिसके बाद आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। राष्ट्रपति भवन में होने वाला यह समारोह खासा भव्य होगा। इसमें केंद्रीय मंत्रियों, राज्यपालों, सांसदों और विदेशी राजनयिकों की भी मौजूदगी रहने की संभावना है। सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण की उपस्थिति की पुष्टि हो चुकी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे। समारोह में केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और एनडीए के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया गया है। विपक्षी दलों के कई नेता भी इस अवसर पर शामिल हो सकते हैं। इस तरह यह शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रीय राजनीति का एक बड़ा आयोजन बनने जा रहा है, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के दिग्गज नेता एक साथ मौजूद होंगे।नए उपराष्ट्रपति के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि वे राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव को कैसे संतुलित करते हैं। हाल के वर्षों में कई बार संसद ठप रही है, ऐसे में उनका रवैया अहम होगा।

तमिलनाडु में जन्मे राधाकृष्णन युवावस्था से ही स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे

राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ। उनका पूरा नाम चंद्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन है। उन्होंने वी.ओ. चिदंबरम कॉलेज, तूतीकोरिन से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक किया। पढ़ाई के समय वे खेलों में भी सक्रिय रहे और टेबल टेनिस, क्रिकेट तथा लंबी दूरी की दौड़ में अच्छे खिलाड़ी माने जाते थे। युवा अवस्था से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और 1974 में जनसंघ की तमिलनाडु कार्यकारिणी समिति के सदस्य बने। बाद में भारतीय जनता पार्टी के साथ सक्रिय राजनीति में आए और 1996 में तमिलनाडु भाजपा के सचिव बने। इसके बाद वे राष्ट्रीय राजनीति में उभरे और 1998 तथा 1999 में कोयम्बटूर लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। संसद में उन्होंने टेक्सटाइल्स स्थायी समिति की अध्यक्षता की और वित्त व सार्वजनिक उपक्रम समितियों में भी सदस्य रहे।तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने 2004 से 2007 तक कार्य किया और करीब 19,000 किलोमीटर की यात्रा कर समाज और राजनीति से जुड़े कई मुद्दे उठाए जिनमें नदियों को जोड़ने, आतंकवाद से लड़ने, समान नागरिक संहिता और अस्पृश्यता उन्मूलन जैसे विषय शामिल थे। 2016 से 2020 तक वे कोइर बोर्ड (नारियल फाइबर बोर्ड) के अध्यक्ष रहे और इस दौरान कोइर निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। इसके बाद उन्हें भाजपा का केरल प्रभारी बनाया गया। फरवरी 2023 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। साथ ही वे समय-समय पर तेलंगाना और पुडुचेरी के राज्यपाल/उपराज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालते रहे। 31 जुलाई 2024 को वे महाराष्ट्र के राज्यपाल बने। अगस्त 2025 में भाजपा और एनडीए ने उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया। उन्होंने विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से हराकर जीत हासिल की। शपथ से पहले उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया। वे कोन्गु वेल्लालर (गौंडर) समुदाय से आते हैं जो तमिलनाडु के कोन्गु क्षेत्र का प्रभावशाली सामाजिक समूह है। दक्षिण भारत में भाजपा की पकड़ मजबूत करने के लिए उन्हें महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता है।

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Author: AK

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