Radha Raturi appointed first woman chief secretary of Uttarakhand

उत्तराखंड के ब्यूरोक्रेसी के लिए 31 जनवरी, साल 2024 का दिन खास रहा। प्रदेश में कोई महिला पहली बार ब्यूरोक्रेट की चीफ बनी हैं। वरिष्ठ आई आईएएस अधिकारी राधा रतूड़ी उत्तराखंड की नई मुख्य सचिव बन गई हैं। बुधवार सुबह इसके आदेश जारी हो गए । उत्तराखंड के 18वें मुख्य सचिव के रूप में 1988 बैच की आईएएस अधिकारी राधा रतूड़ी ने कार्यभार संभाल लिया है। राधा रतूड़ी अभी तक अपर मुख्य सचिव की जिम्मेदारी देख रही थीं। बता दें कि अभी तक एसएस संधू यानी सुखबिर सिंह संधू उत्तराखंड के मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जो आज रिटायर हो गए । ऐसे में अभी तक सेवा विस्तार के तहत मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभाले हुए थे। मुख्यमंत्री आवास पर एसएस संधू ने सीएम धामी से मुलाकात की। इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने संधू को शानदार प्रशासनिक सेवा कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी। इससे पहले, 1973 बैच की आईपीएस अधिकारी कंचन चौधरी भट्टाचार्य वर्ष 2004 में राज्य की पहली महिला डीजीपी बनी थीं। नवंबर, 2000 में अस्तित्व में आए उत्तराखंड में शीर्ष प्रशासनिक पद पर पहुंचने वाली रतूड़ी पहली महिला हैं। लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान रतूड़ी ने अविभाजित उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के अपर मुख्य सचिव, राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी, और देहरादून के जिलाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सशक्त भूमिका निभाई है।

राधा रतूड़ी के पति अनिल रतूड़ी साल 2020 में पुलिस महानिदेशक के पद से हुए थे रिटायर–
उत्तराखंड के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब पति-पत्नी दोनों शीर्ष पदों तक पहुंचे हों। उनके पति अनिल रतूड़ी भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रहे हैं जो प्रदेश में पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी संभालने के बाद नवंबर 2020 में सेवानिवृत्त हुए थे । मध्य प्रदेश की बेटी और उत्तराखंड की बहू राधा रतूड़ी अपनी सादगी और सौम्यता के लिए जानी जाती हैं। राधा रतूड़ी महिलाओं को लेकर हमेशा संजीदा रही हैं। पत्रकारिता से शुरू हुआ सफर इंडियन इनफॉरमेशन सर्विस (आईआईएस) और इंडियन पुलिस सर्विस (आईपीएस) के बाद इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (आईएएस) तक पहुंचा है। बता दें कि उत्तराखंड की धामी सरकार ने पहली महिला मुख्य सचिव के तौर पर राधा रतूड़ी को नियुक्त किया है। मुंबई से पोस्ट ग्रेजुएट मास कम्युनिकेशन करने के बाद राधा रतूड़ी ने इंडियन एक्सप्रेस मुंबई में ट्रेनिंग ली थी। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मैगजीन में भी काम किया। 1985 में अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन करने के साथ ही पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने के साथ ही उन्होंने सिविल सर्विसेज में जाने की तैयारी भी की। राधा रतूड़ी के पिता बीके श्रीवास्तव सिविल सर्विस में थे। 1987 में राधा रतूड़ी आईपीएस में चयनित होने के बाद हैदराबाद में ट्रेनिंग के लिए गई थीं, जहां उनकी मुलाकात 1987 बैच के ही आईपीएस अनिल रतूड़ी से हुई। बाद में दोनों ने शादी कर ली। इंडियन पुलिस सर्विस में बार-बार तबादलों के कारण पति-पत्नी को अक्सर तैनाती के लिए अलग-अलग स्थान पर रहना पड़ा। इसके बाद राधा रतूड़ी ने आईएएस के लिए प्रयास किया। 1988 में राधा रतूड़ी ने इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस का एक्जाम क्रैक किया और देहरादून के मसूरी में ट्रेनिंग ली। उस समय आईपीएस अनिल रतूड़ी उत्तर प्रदेश में तैनाती पर थे। जबकि मध्य प्रदेश बैच की टॉपर होने के कारण राधा रतूड़ी को मध्य प्रदेश कैडर मिला। इस तरह एक बार फिर दोनों के सामने अलग-अलग राज्यों में तैनाती को लेकर बड़ी चुनौती सामने आई। इसके बाद राधा रतूड़ी ने उत्तर प्रदेश कैडर में जाने के लिए प्रयास शुरू किया। करीब एक साल बाद राधा रतूड़ी को उत्तर प्रदेश का कैडर मिला।
अब तक रहे उत्तराखंड के मुख्य सचिव–
1.अजय विक्रम सिंह
- मधुकर गुप्ता
- डॉ.आरएस टोलिया
- एम. रामचंद्रन
- एसके दास
- इंदु कुमार पांडे
- नृप सिंह नपलच्याल
- सुभाष कुमार
- आलोक कुमार जैन
- सुभाष कुमार
- एन रविशंकर
- राकेश शर्मा
- शत्रुघ्न सिंह
- एस. रामास्वामी
- उत्पल कुमार सिंह
- ओम प्रकाश
17.डॉ एसएस संधु - राधा रतूड़ी
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Author: AK
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