कतर में 8 पूर्व भारतीय नौ सैनिकों को सुनाई गई फांसी की सजा को वहां की अदालत ने कैद में बदल दिया है। इस खबर के बाद फांसी की सजा पाए सभी नौ सैनिकों की परिवार में खुशी की लहर है। कतर में जासूसी के कथित आरोप में मौत की सजा सुनाए जाने के बाद अब भारतीय नौसेना के पूर्व कर्मियों को बड़ी राहत मिली है। कतर की कोर्ट ऑफ अपील ने फैसला गुरुवार को सुनाया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा- फैसले की डीटेल्स का इंतजार है। इसके बाद ही अगले कदम पर विचार किया जाएगा। सुनवाई के दौरान भारत के एम्बेसडर अदालत में मौजूद थे। उनके साथ सभी 8 परिवारों के सदस्य भी थे। भारत ने इसके लिए स्पेशल काउंसिल नियुक्त किए थे। हालांकि, फैसले की विस्तार से जानकारी अभी नहीं दी गई है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, हमने दहारा ग्लोबल’ मामले में कतर की अपीलीय अदालत के आज के फैसले पर गौर किया, जिसमें सजा कम कर दी गई है। जिन भारतीय नौसेना के आठ सेवानिवृत्त कर्मियों को मौत की सजा सुनाई गई है, वे कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश हैं। नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को कथित जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और कतर की एक अदालत ने अक्टूबर में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। सभी भारतीय नागरिक दोहा स्थित ‘दहारा ग्लोबल’ कंपनी के कर्मचारी थे और उन्हें अगस्त 2022 में हिरासत में लिया गया था।
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Author: AK
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