DW Samachar – Header
BREAKING

दिल्ली के सराय काले खां चौक का बदला गया नाम, जानें क्या होगा इसका बदला नाम

शहरों और सड़कों के नाम परिवर्तित होने की सूची में अब एक और नाम भी शामिल हो गया है। जी हां अब दिल्ली के सराय काले खां चौक का नाम अब ‘बिरसा मुंडा चौक’ होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर दिल्ली में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का … Read more

deccanherald_2024-11-15_axipumgw_file7y284ps35vm48r9545w
Prime Minister Narendra Modi renames Sarai Kale Khan as Birsa Munda Chowk

शहरों और सड़कों के नाम परिवर्तित होने की सूची में अब एक और नाम भी शामिल हो गया है। जी हां अब दिल्ली के सराय काले खां चौक का नाम अब ‘बिरसा मुंडा चौक’ होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर दिल्ली में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मौके पर कहा कि भगवान बिरसा मुंडा एक छोटे से गांव में पैदा हुए थे। आज उनकी 150वीं जयंती है। इस वर्ष को आदिवासी गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। अमित शाह ने आगे कहा कि भगवान बिरसा मुंडा निश्चित रूप से आजादी के महानायकों में से एक थे। 1875 में माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करते समय उन्होंने धर्मांतरण के खिलाफ आवाज उठाई थी। जब पूरे देश और दुनिया के 2/3 हिस्से पर अंग्रेजों का शासन था। उस समय उन्होंने धर्मांतरण के खिलाफ खड़े होने का साहस दिखाया था।
वहीं इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि मैं आज घोषणा कर रहा हूं कि यहां आईएसबीटी बस स्टैंड के बाहर बड़े चौक को भगवान बिरसा मुंडा के नाम से जाना जाएगा। इस प्रतिमा और उस चौक का नाम देखकर न केवल दिल्ली के नागरिक बल्कि अंतर्राष्ट्रीय बस स्टैंड पर आने वाले लोग भी निश्चित रूप से उनके जीवन से प्रेरित होंगे।

कैसा है काले खां का इतिहास

राजधानी दिल्ली में दशकों पुराने सराय काले खां का नाम बदल दिया है। अब नया नाम बिरसा मुंडा रखा गया है। सराय काले खां का नाम सूफी संत काले खां के नाम पर रखा गया था। ये इलाके दक्षिणी-पूर्वी दिल्ली में आता है इसके सबसे नजदीक से रिंग रोड निकलता है। जहां आज सराय काले खां बस अड्डा, हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन है और नमो भारत मेट्रो स्टेशन तैयार हो रहा है। सराय काले खां के सबसे नजदीक निजामुद्दीन, जंगपुरा है और थोड़ा सा आगे आश्रम चौक-लाजपत नगर है। ऐसे कहा जाता है कि काले खां 14वीं-15वीं शताब्दी के एक सूफी संत थे। जिनका मुगल काल में दिल्ली के इस इलाके में विश्राम स्थल हुआ करता था।

यह भी पढ़े: बिहार: सीएम नीतीश के कार्यक्रम में विधायकों की No Entry, गार्ड्स ने धक्का देकर भगाया; हाथ में गुलदस्ता लेकर खड़े रह गए विधायक

यह भी पढ़े: स्वामीनाथन रिपोर्ट: पहले भारत रत्न का सम्मान,अब उन्हीं स्वामीनाथन की कृषि रिपोर्ट कृषि मंत्रालय की वेबसाइट से गायब, जानें कौन हैं स्वीनाथन क्या है इनकी रिपोर्ट

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Digital Women Trust
Relates News

Advertisement

Rudra enterprises - Devanshu Deepak Jehanabad
⚡ लाइव अपडेट
खबरें लोड हो रही हैं…

लेटेस्ट न्यूज़