
जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए रविवार, 13 अक्टूबर का दिन खास रहा। 6 साल बाद राज्य में लागू राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस की बैठक में पार्टी ने सर्वसम्मति से उमर अब्दुल्ला को विधायक दल का नेता चुन लिया था। इसकी जानकारी पार्टी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने दी थी। उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें उमर अब्दुल्ला को सर्वसम्मति से दल का नेता चुना गया। अब जम्मू-कश्मीर में नई सरकार अस्तित्व में आ जाएगी । उमर अब्दुल्ला ने 11 अक्टूबर की शाम राजभवन जाकर एलजी मनोज सिन्हा से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया था।

जम्मू-कश्मीर में पिछले विधानसभा चुनाव 10 साल पहले 2014 में हुए थे। चुनाव के बाद बीजेपी और पीडीपी ने गठबंधन करके सरकार बनाई थी। लेकिन 2018 में बीजेपी के समर्थन वापस लेने के बाद सरकार गिर गई थी और महबूबा मुफ्ती ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। तब से जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ था जो अब हटा लिया गया है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति शासन हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
नई सरकार के कार्यभार संभालने के लिए विधानसभा के कामकाज से जुड़े प्रावधानों को बहाल करना जरूरी है। राष्ट्रपति शासन के रहते हुए यह नहीं हो सकता। इसके अलावा निर्वाचित सरकार को शपथ लेने की अनुमति देने के लिए भी राष्ट्रपति शासन की घोषणा को रद्द करना जरूरी है।


बता दें कि हाल ही में 90 सदस्यीय विधानसभा में विधानसभा चुनाव हुए थे। इस चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बहुमत हासिल किया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। उमर ने दो सीटों से विधानसभा चुनाव जीता है। वे गांदरबल और बडगाम सीट से चुने गए हैं। दोनों सीटें एनसी का गढ़ रही हैं। जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन का रास्ता अब साफ हो गया है। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 16 अक्टूबर को श्रीनगर में हो सकता है। हालांकि शपथ ग्रहण की अंतिम तारीख अभी आधिकारिक नहीं हुई है। उमर अब्दुल्ला ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1998 में लोकसभा के सदस्य के रूप में की थी। इसके बाद, उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जिनमें केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता के पद शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में उमर अब्दुल्ला की यह दूसरी पारी होगी। इससे पहले, उन्होंने 2009 से 2014 तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था। उमर अब्दुल्ला की शपथ ग्रहण समारोह में कई महत्वपूर्ण नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर रविवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जम्मू-कश्मीर के डोडा में पार्टी के उम्मीदवार की विधानसभा चुनाव में जीत पर धन्यवाद रैली की। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली से आप लोगों का शुक्रिया अदा करने आया हूं। आप लोगों ने ऐतिहासिक काम किया है। आपने नई किस्म की राजनीति का बीज बोया है। दरअसल, 8 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। इसमें आम आदमी पार्टी नेता मेहराज मलिक की डोडा सीट से जीत हुई थी। केजरीवाल ने उमर अब्दुल्ला को नेशनल कॉन्फ्रेंस की जीत की बधाई दी और कहा-जम्मू-कश्मीर को भी दिल्ली की तरह आधा राज्य बना दिया गया है। सारी पावर एलजी को दे दी गई है, मैं उमर अब्दुल्ला को कहना चाहूंगा कि काम करने में कोई अड़चन आए तो मुझसे पूछ लेना, मुझे दिल्ली चलानी आती है।
Author: AK
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