प्रधानमंत्री मोदी का जापान और चीन दौरा भारत-एशिया रिश्तों को नई दिशा देगा। यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीति को कूटनीतिक जवाब मानी जा रही है।
PM Modi’s Japan and China Visit Challenges Trump’s Strategy

प्रस्तावना: एशियाई कूटनीति पर सबकी निगाहें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने चार दिवसीय विदेश दौरे की शुरुआत करते हुए टोक्यो पहुंचे, जहां उनका अभूतपूर्व स्वागत किया गया। जापान और चीन—एशिया की दो सबसे बड़ी आर्थिक शक्तियाँ—इस यात्रा के केंद्र में हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह दौरा न केवल भारत की विदेश नीति को नई दिशा देगा बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को अप्रत्यक्ष रूप से चुनौती भी देगा।
जापान में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत
भव्य स्वागत और भारतीय समुदाय की मौजूदगी
टोक्यो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री का पारंपरिक अंदाज़ में अभिनंदन किया गया। बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग उपस्थित रहे और “भारत-जापान मैत्री” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
जापानी नेतृत्व के साथ मुलाकातें
प्रधानमंत्री मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ शिखर वार्ता करेंगे। इस वार्ता में रक्षा सहयोग, तकनीकी आदान-प्रदान, निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
‘मेक इन इंडिया’ और जापानी सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकताओं में ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को और मज़बूती देना शामिल है। जापानी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। यह सहयोग भारत की उत्पादन क्षमता को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकता है।
भारतीय समुदाय को संबोधन
जापान प्रवास के दौरान पीएम मोदी भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। इस भाषण में वे भारत की वैश्विक भूमिका, सुधारों और नए अवसरों पर प्रकाश डालेंगे। इससे प्रवासी भारतीयों में आत्मविश्वास और जुड़ाव की भावना और मजबूत होगी।
चीन यात्रा और एससीओ सम्मेलन
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में भारत की भूमिका
जापान यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी चीन पहुंचेंगे, जहां वे एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह मंच भारत के लिए बहुपक्षीय सहयोग का अवसर है।
शी जिनपिंग से संभावित मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात होने की संभावना है। इसमें सीमा मुद्दों, द्विपक्षीय व्यापार असंतुलन और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा हो सकती है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग
एससीओ सम्मेलन में भारत आतंकवाद विरोधी रणनीतियों और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएगा। यह भारत की कूटनीति का अहम हिस्सा होगा।
अमेरिका पर अप्रत्यक्ष संदेश
ट्रंप की टैरिफ नीति के बीच भारत की रणनीति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों से कई देशों की अर्थव्यवस्थाएँ प्रभावित हो रही हैं। भारत भी इस दबाव को महसूस कर रहा है। मोदी की यह एशियाई यात्रा इस बात का संकेत है कि भारत अपनी आर्थिक साझेदारियों को केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रखना चाहता।
एशियाई साझेदारों के साथ संतुलन
टोक्यो और बीजिंग के साथ बढ़ती नजदीकी भारत को निवेश, तकनीकी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मंच पर संतुलन प्रदान कर सकती है। यह कदम अमेरिका के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अपने हितों को प्राथमिकता देगा।
भारत-एशिया रिश्तों का भविष्य
निवेश और व्यापार के नए अवसर
जापान और चीन के साथ बढ़ते सहयोग से भारत में निवेश के अवसर और व्यापारिक संतुलन को सुधारने की संभावना है।
वैश्विक नेतृत्व की ओर भारत
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत को न केवल एशियाई बल्कि वैश्विक मंच पर भी एक मज़बूत नेतृत्वकारी भूमिका दिला सकती है।
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Author: AK
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