
संसद परिसर में सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने सोनिया गांधी और जॉर्ज सोरोस के रिश्ते पर सवाल उठाते हुए पोस्टर लहराए। दरअसल विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी और अडानी की तस्वीरें दिखाईं, तो इसके जवाब में बीजेपी ने सोनिया-सोरोज कनेक्शन पर सवाल उठाए हैं। हरियाणा, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस अडानी मुद्दे को खूब जोर-जोर से उठा रही है। संसद के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस नेता रोजाना अडानी को लेकर केंद्र सरकार को घेरने और विरोध प्रदर्शन में लगे हुए हैं। बदले में भाजपा सोनिया गांधी के विरुद्ध मामला खोज लाए। उनका कहना है कि सोनिया गांधी ऐसे संगठन से जुड़ी हुई हैं जो भारत के खिलाफ लगातार अभियान चलाता रहता है। कुछ फंडिंग का मामला भी बताया जा रहा है।



संसद के बाहर गुरुवार को विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने ‘देश नहीं बिकने देंगे’ का पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही अडाणी मामले की जांच जेपीसी से कराने की मांग की। कांग्रेस के अलावा टीएमसी, उद्धव ठाकरे की शिवसेना जैसे कई दलों के सांसदों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया है। इस बीच लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है और स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि निजी हमले करने से सांसद बचें और जरूरी मुद्दों पर बात की जाए। वहीं भाजपा अध्यक्ष और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष राज्यसभा के चेयरमैन जगदीप धनखड़ को चीयरलीडर कहता है। उनकी मिमिक्री करता है। कांग्रेस बताती क्यों नहीं कि सोनिया-सोरेस का क्या कनेक्शन है।


विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी संसद के बाहर प्रदर्शन करते हुए दिखे। उनके हाथ में सोनिया गांधी और अमेरिकी बिलेनियर जॉर्ज सोरोस की तस्वीर थी। इस पर लिखा है- सोरोस से तेरा रिश्ता क्या है? ये रिश्ता क्या कहलाता है। भाजपा ने 8 दिसंबर को आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ऐसे संगठन से जुड़ी हैं, जो कश्मीर को भारत से अलग करने की वकालत करता है। इस संगठन को जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन की तरफ से फंडिंग मिलती है। इस संगठन का नाम फोरम ऑफ डेमोक्रेटिक लीडर्स इन एशिया पेसिफिक है। सोनिया इसकी सह-अध्यक्ष हैं। बता दें कि अब तक शीतकालीन सत्र में अडानी और जॉर्ज सोरोस के मसले पर हंगामा चलता रहा है। एक दिन भी सत्र का आयोजन नहीं हो सका है। हालांकि शुक्रवार से संविधान के मसले पर चर्चा होनी है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि अब हंगामा थमेगा और बातचीत होगी। राहुल गांधी ने भी बुधवार को कहा था कि हम संसद में चर्चा चाहते हैं। हर मुद्दे पर हम बहस करने को तैयार हैं, लेकिन सरकार ही बचकर भाग रही है और हंगामा कराने में जुटी है।
Author: AK
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