बुध, फ़रवरी 4, 2026

On Camera, Public Flogging By Cops After Stone-Throwing At Garba Event In Gujara

क्या गुजरात पुलिस ने गरबा में पथराव करने वालो को बीच चौराहे पर बांधकर पीटा है?

On Camera, Public Flogging By Cops After Stone-Throwing At Garba Event In Gujara
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के बारे में यह बताया जा रहा है कि यह वीडियो गुजरात पुलिस की है जो एक युवक को बीच चौराहे पर बांधकर पीट रहे हैं। हालांकि डिजिटल वीमेन इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता लेकिन जैसा इस वीडियो के आधार पर जो ख़बर सामने आ रही है उसके अनुसार यह वीडियो गरबा में पथराव करने वाले को पिट रही है। वीडियो खेड़ा जिले का बताया जा रहा है। जैसा कि खबर आई थी कि गुजरात में नवरात्र के दौरान गरबा इवेंट में पत्थर फेंकने वाले कुछ मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया गया था।

इस वीडियो के सामने आने के बाद राज्य में विपक्षी पार्टियों का कहना है कि युवक की पिटाई कर रहा शख्स एक पुलिस अफसर है। विपक्षी ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। इस कथित वीडियो में नजर आ रहा है कि 4-5 लोगों को पकड़ा गया है। एक के बाद एक इन युवकों को बिजली के पोल के पास लाया जाता है। इसके बाद कुछ लोग इनका हाथ पकड़ते हैं और एक शख्स इनकी लाठी से पिटाई करता है। युवक के कमर में लगी बेल्ट में एक पिस्टल भी नजर आ रहा है। सादे लिबास में यह व्यक्ति जब लाठी से उनकी पिटाई करता है तब आसपास के लोग हंसते हैं और फिर यह शख्स इन सभी को पास खड़ी एक पुलिस की गाड़ी में बैठने के लिए कहता है।

कहा तो यह भी जा रहा है कि पत्थर फेंकने वालों को पुलिसवालों ने सरेआम सजा दी है। गरबा के वक़्त पत्थरबाजी की यह घटना उंधेला गांव की है। 43 आरोपी को चिन्हित किया गया था जिसमें से 10 को गिरफ्तार किया गया था। इन सभी पर गरबा में हिंसा का आरोप लगाया गया। इसके बाद इन्हें वहां ले जाया गया जहां गरबा आयोजित हुआ था और फिर उन्हें यह सजा भी दी गई। जबकि पुलिस कुछ और ही कहानी सुना रही है। पुलिस के अनुसार मुस्लिम समुदाय के इन सभी लोगों को गरबा में गड़बड़ी फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यहाँ तक कि जो वीडियो वायरल हो रही है उसकी सत्यता की पुष्टि खुद आईजीपी (अहमदाबा रेंज), वी चंद्रशेखर भी नहीं कर रहे हैं। सोमवार की रात से ही बवाल मचा हुआ है। गरबा कार्यक्रम हो रहा था जिसको रोकने का प्रयास किया गया। और इसके लिए मंदिर के अंदर घुसकर पथराव किया जाने लगा जिंसमें हिंसा की बात सामने आई। इसमें जीआरडी के एक जवान और पुलिसकर्मी घायल हो गया। 150 अज्ञात लोगों की इस भीड़ में से कुल 43 लोगों की पहचान हो सकी। जबकि वीडियो वायरल के बाद कांग्रेस विधायक इमरान खंडेवाला और गयासुद्दीन शेख ने पुलिस को तुरंत सस्पेंड करने की मांग की है।

Abhishek Kumar
Author: Abhishek Kumar

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