
गुरुवार 8 अगस्त को आरबीआई यानी भारतीय रिजर्व बैंक ने बैठक के बाद ताजा ब्याज दरों को देश के सामने साझा किया। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई ने ब्याज दरों को 6.5% पर जस का तस रखा है। यानी लोन महंगे नहीं होंगे और आपकी EMI भी नहीं बढ़ेगी। आरबीआई ने आखिरी बार फरवरी 2023 में दरें 0.25% बढ़ाकर 6.5% की थीं। भारतीय रिजर्व बैंक के नेतृत्व वाली मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी ने लगातार 9वीं बार रेपो रेट में कोई परिवर्तन नहीं करने का फैसला लिया है।
गुरुवार को रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह जानकारी दी। फूड महंगाई बढ़ने की वजह से रिटेल महंगाई अप्रैल-मई में 4.8% पर रही, जून में बढ़कर 5.1% पर पहुंची, जबकि फ्यूल की महंगाई डिफ्लेशन देखने को मिला। स्थिर शहरी खपत और ग्रामीण खपत में सुधार के कारण घरेलू विकास अच्छी गति पकड़ रहा है। जून में थोक महंगाई 16 महीनों के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई थी। 15 जुलाई को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, जून में थोक महंगाई बढ़कर 3.36% रही। फरवरी 2023 में थोक महंगाई दर 3.85% रही थी। खाद्य महंगाई मई के मुकाबले 7.40% से बढ़कर 8.68% हो गई। दास ने कहा कि कृषि गतिविधियों में सुधार से ग्रामीण खपत की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। सर्विसेज गतिविधियों में उछाल से शहरी खपत को भी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है ।
गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि दुनिया भर में ब्याज दरें घटाने की शुरुआत हो रही है, कई कई ग्लोबल सेंट्रल बैंक दरें घटाने की तरफ बढ़ रहे हैं, कुछ देशों के सेंट्रल बैंकों ने इस दौरान दरें बढ़ाईं भी हैं। बता दें कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) हर दो महीने में बैठक करती है और आरबीआई गवर्नर इन बैठकों के तीसरे दिन रेपो दर पर निर्णय की घोषणा करते हैं। रेपो दर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केंद्रीय बैंक द्वारा अन्य बैंकों को दिए जाने वाले लोन पर लिया जाने वाला ब्याज है। यह अर्थव्यवस्था में महंगाई और धन प्रवाह को प्रभावित करता है।
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Author: AK
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