बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वादा किया कि सरकार बनने पर अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ रोजगार के अवसर युवाओं को दिए जाएंगे। जानें उनके पूरे भाषण और योजनाओं के बारे में।
Nitish Kumar’s Big Promise: 1 Crore Jobs for Bihar Youth in 5 Years
नीतीश कुमार का बड़ा वादा: 5 साल में 1 करोड़ रोजगार बिहार के युवाओं के लिए
Nitish Kumar’s Big Promise: 1 Crore Jobs for Bihar Youth in 5 Years
प्रस्तावना: बिहार के युवाओं को नई उम्मीद
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने दानापुर में आयोजित एक जनसभा में कहा कि अगर उनकी सरकार फिर सत्ता में आती है, तो अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। यह घोषणा बिहार की राजनीति में नया जोश और बहस दोनों लेकर आई है।
नीतीश कुमार का यह वादा न केवल युवाओं के लिए राहत की खबर है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि आने वाला चुनाव विकास और रोजगार के मुद्दे पर लड़ा जाएगा।
बिहार में रोजगार की चुनौती
बेरोजगारी का संकट और युवाओं की अपेक्षाएं
बिहार लंबे समय से बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है। राज्य में बड़ी संख्या में युवा नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करते हैं। इस पृष्ठभूमि में नीतीश कुमार का यह वादा काफी अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक 10 लाख सरकारी नौकरियां दी हैं, और 40 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने वादा किया कि आने वाले पांच वर्षों में इस संख्या को बढ़ाकर 1 करोड़ रोजगार तक पहुंचाया जाएगा।
पिछली सरकार के दौरान विकास की चुनौतियां
शिक्षा, बिजली और चिकित्सा पर ध्यान
अपने भाषण में नीतीश कुमार ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार सत्ता संभाली थी, तब राज्य की हालत बेहद खराब थी। उन्होंने कहा,
“बिजली की कमी थी, शिक्षा व्यवस्था बिखरी हुई थी, अस्पतालों में सुविधाएं नहीं थीं और समाज में धार्मिक विवाद आम थे।”
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इन सभी मोर्चों पर काम किया।
आज राज्य में हर घर बिजली पहुंच चुकी है, सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहतर हुई है, और स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज की सुविधा पहले से कहीं अधिक सुलभ है।
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार
2.58 लाख शिक्षकों की नियुक्ति और मुफ्त दवाइयों की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से 2,58,000 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ी है बल्कि ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की पहुंच भी मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि 2006 में सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त दवा और इलाज सेवा शुरू की थी। पहले जहां प्रतिदिन सिर्फ 39 मरीजों का इलाज होता था, वहीं अब औसतन 11,600 मरीज प्रति माह इलाज के लिए आते हैं।
राज्य में बुनियादी ढांचे का विकास
पुल, बाईपास और मेडिकल कॉलेजों का विस्तार
नीतीश कुमार ने अपने भाषण में राज्य के बुनियादी ढांचे में हुए सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले बिहार में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन अब उनकी संख्या 12 हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि बेहतर यातायात और कनेक्टिविटी के लिए पुल, बाईपास और एलिवेटेड सड़कें बनाई गई हैं, जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों को जोड़ना आसान हुआ है। इससे व्यापार, पर्यटन और उद्योगों को भी नया बल मिला है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
1.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सहयोग
नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 1.21 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है, ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि जो महिलाएं अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला रही हैं, उन्हें आगे 2 लाख रुपये तक का अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। इस पहल को बिहार महिला उद्यमिता योजना के रूप में देखा जा रहा है।
शांति, सद्भाव और सामाजिक एकता
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में शांति और सद्भाव का माहौल बनाया है। उन्होंने कहा कि आज बिहार में धार्मिक विवादों की घटनाएं नगण्य हैं और लोग मिलजुलकर विकास में भागीदारी कर रहे हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समाज में एकता बनाए रखें और विकास की दिशा में सरकार का साथ दें।
बिहार चुनाव 2025: राजनीतिक समीकरण
एनडीए बनाम महागठबंधन
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन (MGB) के बीच होने वाला है।
एनडीए में शामिल हैं —
भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा।
वहीं, महागठबंधन में शामिल हैं —
राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, CPI-ML, CPI, CPM और विकासशील इंसान पार्टी (VIP)।
इसके अलावा प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी राज्य की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
मतदान और परिणाम की तिथि
बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर 2025 को दो चरणों में होंगे, जबकि 14 नवंबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव रोजगार, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।
निष्कर्ष: क्या नीतीश कुमार फिर दोहराएंगे इतिहास?
नीतीश कुमार ने पिछले दो दशकों में बिहार की सूरत बदलने का दावा किया है। अब जब उन्होंने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ रोजगार देने का वादा किया है, तो बिहार के युवाओं की उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं।
अगर यह वादा पूरा हुआ, तो बिहार न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए रोजगार सृजन का उदाहरण भी पेश करेगा।
आने वाले चुनावों में जनता यह तय करेगी कि क्या नीतीश कुमार का यह विकास मॉडल फिर से बिहार की राजनीति में भरोसे का प्रतीक बन पाएगा या नहीं।
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Author: AK
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