बिहार कैबिनेट की अंतिम बैठक में 129 एजेंडों को मंजूरी मिली। डीए 3% बढ़ा, स्कॉलरशिप दोगुनी हुई और नई नौकरियों समेत कई बड़े फैसले हुए।
Nitish Cabinet Last Meeting: 129 Proposals Approved
प्रस्तावना
दशहरा और गांधी जयंती के बाद शुक्रवार को आयोजित हुई नीतीश कैबिनेट की अंतिम बैठक कई अहम फैसलों की गवाह बनी। इस बैठक में कुल 129 एजेंडों पर मुहर लगी। इनमें राज्य के लाखों कर्मचारियों और छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाया गया, छात्रों की छात्रवृत्ति दोगुनी की गई, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि हुई और आने वाले वर्षों में रोजगार सृजन की दिशा में भी बड़े कदम उठाए गए।
कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: महंगाई भत्ता 3% बढ़ा
डीए अब 58%
बिहार सरकार ने राज्यकर्मियों के लिए महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि की है। पहले यह 55% था, जो अब बढ़कर 58% हो गया है। केंद्र सरकार पहले ही डीए बढ़ाने का फैसला कर चुकी थी, जिसके बाद बिहार ने भी अपने कर्मचारियों को राहत दी है।
- इस फैसले से लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।
- वेतन और पेंशन में वृद्धि से त्योहारी सीजन में कर्मचारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
स्कूली छात्रों की छात्रवृत्ति दोगुनी
कक्षा-वार नई दरें
बिहार कैबिनेट ने स्कूली बच्चों की स्कॉलरशिप को दोगुना करने का ऐतिहासिक फैसला लिया। इसके लिए 3 अरब रुपये की स्वीकृति दी गई है।
- कक्षा 1 से 4 तक: ₹600 से बढ़ाकर ₹1200
- कक्षा 5 से 6 तक: ₹1200 से बढ़ाकर ₹2400
- कक्षा 7-8: ₹1800 से बढ़ाकर ₹3600
- कक्षा 9-10: ₹1800 से बढ़ाकर ₹3600
यह निर्णय सीधे तौर पर लाखों छात्रों को राहत देगा और गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहित करेगा।
एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ा
स्वास्थ्यकर्मियों को राहत
- एएनएम कर्मियों का वेतन ₹11,500 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दिया गया है।
- आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹1,000 से बढ़ाकर ₹3,000 कर दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाने वाले इन कर्मियों के लिए यह फैसला न केवल आर्थिक सहयोग है, बल्कि उनके काम की अहमियत को भी मान्यता देता है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
गयाजी के विष्णुपद मंदिर का कायाकल्प
कैबिनेट ने धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष कदम उठाए हैं।
- काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर गया के विष्णुपद मंदिर को विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई है।
- इससे राज्य में धार्मिक पर्यटन को गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
फिल्म और नाट्य संस्थान की स्थापना
बिहार में पहली बार एक फिल्म और नाट्य संस्थान की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
- यह संस्थान कलाकारों और विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर खोलेगा।
- बिहार के सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।
उद्योग और निवेश को प्रोत्साहन
नया औद्योगिक पैकेज 2025
राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार ने नए औद्योगिक पैकेज 2025 को मंजूरी दी है।
- इसके तहत निवेशकों को मुफ्त जमीन देने का प्रावधान है।
- नए उद्योगों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में बिहार औद्योगिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बने।
बिजली पर राहत योजना
125 यूनिट बिजली मुफ्त
बिहार कैबिनेट ने राज्य के आम उपभोक्ताओं को राहत देते हुए फैसला किया है कि अब हर घर को 125 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी।
- इस योजना से लाखों परिवारों को सीधा लाभ होगा।
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली बिल का बोझ कम होगा।
रोजगार के अवसर
1 करोड़ नई नौकरियों का लक्ष्य
बैठक में रोजगार सृजन से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी लिया गया।
- अगले 5 वर्षों (2025-2030) में 1 करोड़ नई नौकरियां देने का लक्ष्य तय किया गया है।
- इसमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।
- युवा वर्ग के लिए यह घोषणा सबसे बड़ी राहत मानी जा रही है।
सामाजिक और सांस्कृतिक फैसले
- शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग के अलावा सरकार ने कई सामाजिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।
- महिलाओं के लिए रोजगार प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई गई।
- कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रमों को अधिक वित्तीय सहयोग देने का निर्णय हुआ।
विपक्ष और जनता की प्रतिक्रिया
विपक्ष की राय
विपक्ष ने इन फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव से पहले जनता को लुभाने के लिए योजनाओं की घोषणा की जा रही है।
जनता का नजरिया
दूसरी ओर, आम जनता और कर्मचारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। कर्मचारियों को डीए बढ़ने से सीधी आर्थिक राहत मिली है, जबकि छात्रों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी इससे बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं।
निष्कर्ष
नीतीश कैबिनेट की अंतिम बैठक ऐतिहासिक रही जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, उद्योग, बिजली और रोजगार से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। 129 एजेंडों पर लगी मुहर ने राज्य के भविष्य की दिशा तय कर दी है। जहां एक ओर कर्मचारियों और छात्रों को तत्काल राहत मिली है, वहीं उद्योग और रोजगार से जुड़े फैसले बिहार के लंबे समय तक विकास की नींव रखेंगे।
अंतिम शब्द: आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन फैसलों का क्रियान्वयन कितना सफल होता है और बिहार को विकास की नई दिशा मिलती है या नहीं। लेकिन फिलहाल, अंतिम कैबिनेट बैठक ने जनता की उम्मीदों को नई ऊर्जा जरूर दी है।
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Author: AK
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