झमाझम बारिश के साथ ही आज केरल में मानसून ने दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून ने आज केरल में दस्तक दे दि है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि
अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह क्षेत्र अरब सागर और लक्ष्य दीप के दक्षिण पूर्व और पूर्ब में बना हुआ है जो कि मुंबई से 700 किलोमीटर दक्षिण और गुजरात के सूरत से 930 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में है।

चक्रवाती तूफान का खतरा…..
चक्रवाती तूफान में बदलने के बाद 2 जून की सुबह तक इसकी उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। यह केरल, कर्नाटक,गोवा महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों से सोमवार और मंगलवार के बीच 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टकरा सकता है जिसके फलस्वरुप 2 जून से 5 जून के बीच महाराष्ट्र और गुजरात के साथ उत्तरी कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है। और समुद्र में में तेज लहरें उड़ सकती हैं जिसकी उचाई 12 से 16 फीट तक हो सकती है।इसे देखते हुए
केरल के 9 जिले में येलो अलर्ट पर
भारतीय मौसम विभाग ने केरल के 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें अलपुझा, कोल्लम, पथनमथिट्टा, तिरुवनंतपुरम, कोट्टयम, एर्नाकुलम, इडुक्की, मलप्पुरम और कन्नूर शामिल हैं।
20 जून तक उत्तरप्रदेश में मॉनसून देगी दस्तक
वहीं 20 जून तक गोरखपुर या वाराणसी के रास्ते यह उत्तर प्रदेश में दाखिल हो सकता है। इसके अलावा झारखंड में मानसून का आगमन 14 जून तक होने की संभावना जताई जा रही है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून
भारत में जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून से बारिश होती है। जून से सितंबर तक 4 महीने लंबी चलने वाली इसी दक्षिण पश्चिम मॉनसून की वजह से देश से 75% बारिश होती है।
मौसम विभाग ने अप्रैल में कहा था कि इस बार मानसून औसत ही रहने वाला है। विभाग के मुताबिक, 96 से 100% बारिश को सामान्य मानसून माना जाता है। पिछले साल यह आठ दिन की देरी से 8 जून को केरल के समुद्र तट से टकराया था।
Author: AK
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