महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने मुंबई में बीजेपी दफ्तर में उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में बीजेपी ज्वॉइन की। चव्हाण ने सोमवार को ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। उनके साथ आज कांग्रेस के पूर्व एमएलसी अमर राजुरकर भी बीजेपी में शामिल हो गए। संभावना है कि अशोक चव्हाण को बीजेपी राज्यसभा में मौका देगी।

दरअसल राज्यसभा चुनाव के लिए आवेदन दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 फरवरी है। इसलिए ये एंट्री किसी बड़े नेता की मौजूदगी के बजाय महाराष्ट्र के बीजेपी नेताओं की मौजूदगी में हुई। वहीं, अशोक चव्हाण ने कांग्रेस छोड़ने के फैसले पर कहा कि, मेरे लिए कांग्रेस पार्टी छोड़ने का फैसला लेना आसान नही था. ये एक दिन में लिया गया फैसला नहीं है। ये बात सच है कि कांग्रेस पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है, फिर इस बात को भी कोई नहीं नकार सकता है कि जब तक मैं पार्टी में था तब तक मैंने भी पार्टी के लिए बहुत कुछ किया। मैंने पार्टी के लिए क्या कुछ किया ये कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को अच्छे से पता है।
बता दें कि अशोक चव्हाण मूलत औरंगाबाद जिले की पैठण तहसील के रहने वाले हैं। इनका जन्म 28 अक्टूबर, 1958 में हुआ था। अशोक चव्हाण महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरराव चव्हाण के बेटे हैं। अशोक चव्हाण ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट जेवियर्स हाई स्कूल से पूरी की है। उन्होंने साइंस में ग्रेजुएशन और बिजनेस मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री की है। अशोक चव्हाण की पत्नी अमिता भोकर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। अशोक चव्हाण की दो जुड़वां बेटियां श्रीजया और सुजया हैं। अशोक चव्हाण को राजनीतिक विरासत उनके पिता शंकरराव चव्हाण से मिली थी।

अशोक चव्हाण ने 1986 में कांग्रेस पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के महासचिव नियुक्त होने के बाद अपनी राजनीतिक शुरुआत की थी। अशोक चव्हाण ने 1987-89 में नांदेड़ लोकसभा क्षेत्र से टिकट लड़ा और सांसद बनें। अशोक चव्हाण ने 1992 में महाराष्ट्र विधानमंडल में अपनी शुरुआत की थी। अशोक चव्हाण 1992 में एमएलसी चुने गये और महाराष्ट्र विधान परिषद में पहुंचे। मार्च, 1993 में वह लोक निर्माण, शहरी विकास और गृह राज्य मंत्री के रूप में शामिल हुए थे। अशोक चव्हाण 1999 में मुदखेड़ निर्वाचन क्षेत्र से जीते और महाराष्ट्र विधानसभा में पहुंचे। 2003 में अशोक चव्हाण को परिवहन, बंदरगाह, सांस्कृतिक मामले और प्रोटोकॉल मंत्री नियुक्त किया गया था।नवंबर 2004 में अशोक चव्हाण को महाराष्ट्र कैबिनेट में उद्योग, खनन, सांस्कृतिक मामले और प्रोटोकॉल विभाग दिया गया। अशोक चव्हाण 8 दिसंबर, 2008 से 9 नवंबर, 2010 तक महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। आदर्श हाउसिंग घोटाले में उनका नाम आने के बाद 2010 में उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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Author: AK
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