
1 जुलाई से शुरू हुई बाबा अमरनाथ की तीर्थ यात्रा आज समाप्त होने जा रही है। छड़ी मुबारक अमरनाथ गुफा पहुंचेगी और वहां पर रक्षाबंधन के दिन छड़ी मुबारक की पूजा के साथ ही इस साल की अमरनाथ यात्रा संपन्न हो जाएगी। भगवान शिव की यह पवित्र छड़ी महात्माओं और साधु संतों के साथ बीते 30 अगस्त को वो शेषनाग से पंजतरणी के लिए रवाना हुई थी। आज वो पवित्र गुफा पहुंचेगी और पूजा-अर्जना करके दर्शन करेगी। इसके साथ ही महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में उगते सूरज के साथ उसकी पवित्र गुफा में स्थापना की जाएगी। इसके बाद उक्त पवित्र छड़ी को वापस श्रीनगर स्थित अखाड़े में ले जाया जाएगा। आज आखिरी दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन करेंगे।
रिपोर्ट्स की मानें तो इस साल पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। इस बार बाबा अमरनाथ की धार्मिक यात्रा 62 दिनों तक तक चली। अमरनाथ धाम जम्मू-कश्मीर में हिमालय की गोद में स्थित एक पवित्र गुफा है, जो हिंदुओं का सबसे पवित्र स्थल भी है। ऐसा माना जाता है कि अमरनाथ स्थित पवित्र गुफा में भगवान शिव एक बर्फ-लिंगम यानी बर्फ के शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। वहीं बर्फ से शिवलिंग निर्मित होने की वजह से इसे ‘बाबा बर्फानी’ भी कहा जाता है। अमरनाथ यात्रा संपन्न होने के बाद इसके दोनों रास्तों पर सफाई का अभियान चलेगा। अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के सदस्य और स्थानीय लोग रास्तों को साफ करेंगे। बाबा बर्फानी की गुफा तक पहुंचने के दो रास्ते हैं। पहला पहलगाम, ये पारंपरिक रास्ता है, जिसकी चढ़ाई आसान है। करीब 47 किमी के इस रास्ते को तय करने में 2-3 तीन दिन लग जाते हैं।
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Author: AK
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