बुध, फ़रवरी 4, 2026

मनरेगा की जगह नई रोजगार बिल “जी राम जी” लोकसभा में पास, विपक्षी सांसदों ने बिल के पेज फाड़कर उड़ाए

देश की सांसद में शीतकालीन सत्र चल रहा है। गुरुवार को संसद में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी VBG Ram G पर लोकसभा में जवाब दिया है।
इस दौरान विपक्ष की तरफ से भी जमकर हंगामा और नारेबाजी की गई। विपक्षी सांसदों ने बिल को फाड़ के संसद में ही फेंक दिया और वेल में पहुंच गए। हंगामे के बाद भी लोकसभा में VB-जी राम जी बिल पारित कर दिया गया है।

आपको बता दें कि भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी VBG Ram G लोकसभा में ध्वनि मत से पास हो गया है। शिवराज सिंह चौहान लोकसभा ने कहा, कांग्रेस ने गांधीजी की कभी बात ही नहीं मानी है। हम गांधीजी को मानते हैं।

गांधीजी ने कहा था कि आजादी मिल गई है तो कांग्रेस को भंग कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस दिन कश्मीर को विशेष दर्जा दिया, उसी दिन संविधान की हत्या हो गई थी। मोदी जी सरकार ने मनरेगा में कई तरह की कमियों को दूर किया है।

कांग्रेस ने फंड का गलत उपयोग किया- शिवराज

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम किसी से भेदभाव नहीं करते हैं। बापू हमारी प्रेरणा और श्रद्धा हैं, पूरा देश हमारे लिए एक है। यह केवल जमीन का टुकड़ा नहीं है। हमारे विचार संकीर्ण और संकुचित नहीं है। शिवराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस के मुंह पर राम और बगल में छुरी होता है। कांग्रेस ने मनरेगा को पूरी तरह से भ्रष्टाचार के हवाले कर दिया था।

संसद में आज विपक्षी दलों के हंगामे के बीच शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत जी-राम-जी विधेयक पर विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का जवाब सुनना ही नहीं चाहती है। उन्होंने कहा कि असल मायने में मनरेगा के फंड का दुरुपयोग किया गया है। दूसरी तरफ हमारी सरकार ने विकास कार्यों पर खर्च करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इस बिल से किसानों और गरीबों का कल्याण होगा। इसके बाद भी कांग्रेस विरोध कर रही है।

परिवार के नाम पर रखे गए योजनाओं के नाम

शिवराज सिंह चौहान ने प्रियंका गांधी को जवाब देते हुए कहा कि अपने खानदान का महिमामंडन करने के लिए इन्होंने महात्मा गांधी की बजाय केवल नेहरू परिवार के नाम पर सरकारी योजनाओं का नामकरण किया। शिवराज ने कहा कि नेहरू परिवार के नाम पर योजनाओं के नाम रखे गए हैं।

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Abhishek Kumar
Author: Abhishek Kumar

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