कर्नाटक कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया। छापेमारी में 12 करोड़ रुपये कैश, करोड़ों की ज्वैलरी और विदेशी मुद्रा बरामद।
Karnataka Congress MLA KC Veerendra Arrested: ED Seizes ₹12 Crore Cash, Gold and Diamonds
अचानक गिरफ्तारी से हड़कंप
कर्नाटक की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया जब कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र (KC Veerendra) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया। ईडी की यह कार्रवाई कथित ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत हुई है। गिरफ्तारी सिक्किम से की गई, जहां विधायक एक व्यावसायिक यात्रा पर गए थे।
ईडी ने खुलासा किया कि छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी, आभूषण और विदेशी मुद्रा जब्त की गई। शुरुआती आकलन के अनुसार अब तक करीब 12 करोड़ रुपये कैश, छह करोड़ रुपये मूल्य के सोने के गहने, लगभग 10 किलो चांदी और विदेशी मुद्रा जब्त की गई है।
ईडी की छापेमारी: कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई
ईडी की बेंगलुरु क्षेत्रीय इकाई ने 22 और 23 अगस्त को देशभर में 31 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें गंगटोक (सिक्किम), चित्रदुर्ग (कर्नाटक), बेंगलुरु, हुबली, जोधपुर, मुंबई और गोवा शामिल हैं। जांच एजेंसी ने 5 कैसिनो पर भी कार्रवाई की।
इस तलाशी अभियान का मकसद अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को पकड़ना था। जांच में सामने आया कि KC वीरेंद्र और उनके सहयोगियों ने “किंग 567 (King 567)” नाम से कई ऑनलाइन बेटिंग साइट्स चलाईं, जिनके जरिए करोड़ों का हेरफेर हुआ।
विधायक के ठिकानों से भारी बरामदगी
ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, तलाशी के दौरान निम्नलिखित बरामदगी हुई:
- ₹12 करोड़ नकद (जिसमें ₹1 करोड़ की विदेशी मुद्रा भी शामिल)
- ₹6 करोड़ मूल्य के सोने के गहने
- लगभग 10 किलोग्राम चांदी
- 4 लग्जरी वाहन
- 17 बैंक खाते और 2 बैंक लॉकर सीज
- संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज और संदिग्ध पेपर्स
दुबई से ऑपरेट हो रहा था नेटवर्क
जांच में एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि विधायक के भाई केसी थिप्पेस्वामी दुबई से इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। वे तीन कंपनियां – डायमंड सॉफ्टेक, टीआरएस टेक्नोलॉजीज और प्राइम9 टेक्नोलॉजीज – चला रहे थे, जो सीधे तौर पर कॉल सेंटर सेवाओं और ऑनलाइन गेमिंग बिजनेस से जुड़ी हुई थीं।
साथ ही विधायक के रिश्तेदार केसी नागराज और उनके बेटे पृथ्वी एन राज के ठिकानों से भी संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। यह भी पता चला कि दुबई से फंड्स को भारत लाने के लिए जटिल हवाला और लेयरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा था।
क्यों हुई गिरफ्तारी?
ईडी ने गंगटोक में विधायक KC वीरेंद्र को गिरफ्तार करने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया और बेंगलुरु की अदालत में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड हासिल किया। एजेंसी का दावा है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं जो दिखाते हैं कि विधायक ने ऑनलाइन बेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए करोड़ों रुपये कमाए और उन्हें रियल एस्टेट व दूसरे बिजनेस में लगाया।
कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें बढ़ीं
KC वीरेंद्र की गिरफ्तारी ने कर्नाटक कांग्रेस के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। पार्टी पहले से ही भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के आरोपों का सामना कर रही है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि यह मामला बताता है कि कांग्रेस के नेताओं के संरक्षण में ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए का अवैध कारोबार चल रहा है।
हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ऑनलाइन सट्टेबाजी पर ईडी की सख्ती
भारत में ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग एक बड़ा उद्योग बन चुका है, जिसमें सालाना हजारों करोड़ का लेनदेन होता है। हालांकि इन गतिविधियों में पारदर्शिता की कमी और काले धन के इस्तेमाल की आशंका के चलते प्रवर्तन निदेशालय और अन्य एजेंसियां लगातार सख्त कार्रवाई कर रही हैं।
इससे पहले भी कई राज्यों में कैसिनो और ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स पर कार्रवाई हो चुकी है। लेकिन KC वीरेंद्र जैसे सक्रिय विधायक की गिरफ्तारी ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।
आगे की जांच और संभावित असर
ईडी ने साफ किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। यह भी माना जा रहा है कि इस नेटवर्क से कई और राजनीतिक और कारोबारी हस्तियां जुड़ी हो सकती हैं।
यदि आरोप साबित होते हैं तो KC वीरेंद्र की विधानसभा सदस्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है। साथ ही कांग्रेस की छवि पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है, खासकर तब जब पार्टी आगामी चुनावों की तैयारी कर रही है।
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Author: AK
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