जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भारथु निवासी स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह का 22 मार्च 2026, रविवार को लगभग 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके देहांत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त हो गई और गांव सहित आसपास के इलाकों में शोकाकुल माहौल देखा गया।
स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह अपने पीछे एक समृद्ध, संस्कारित और प्रतिष्ठित परिवार छोड़ गए हैं। उनके पुत्र अनिरुद्ध कुमार सिन्हा, मुकेश कुमार एवं अपसा सचिव राकेश कुमार रंजन सहित पौत्र धीरज कुमार और अजय कुमार ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह अत्यंत धार्मिक, सरल और संत स्वभाव के व्यक्ति थे। वे दिन-रात “सीताराम-सीताराम” का जाप करते रहते थे। अपने पूरे जीवनकाल में उन्होंने सादगीपूर्ण जीवन जिया और गाय सेवा एवं खेती को ही अपना मुख्य कार्य माना।
बताया जाता है कि वे महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय उदय नारायण सिंह के भाई थे, जिससे उनके परिवार की देशभक्ति और सामाजिक प्रतिष्ठा का विशेष महत्व रहा है। उनके परिवार में स्वर्गीय दिनेश बाबू, डॉ. विजय कुमार सिन्हा (अवकाश प्राप्त सिविल सर्जन, जहानाबाद), अरुण कुमार तथा मनोज कुमार रंजन (बालाजी रेस्ट हाउस, जहानाबाद) जैसे प्रतिष्ठित सदस्य शामिल हैं, जो अपने-अपने क्षेत्र में सम्मानित स्थान रखते हैं।
स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह की एक विशेष पहचान यह भी रही कि उन्होंने अपने सभी आठ भतीजों का पालन-पोषण अपने पुत्रों की तरह किया और उन्हें शिक्षित एवं संस्कारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इस योगदान को परिवार और समाज में आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।
श्रद्धांजलि सभा के अवसर पर अपसा के अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारी ग्राम भारथु पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके आदर्शों को याद किया।
ब्रह्मभोज के अवसर पर ब्राह्मणों को वस्त्र एवं बर्तन दान किए गए, जो उनकी धार्मिक आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह का जीवन सादगी, सेवा, त्याग और संस्कारों का अद्भुत उदाहरण रहा। उनका व्यक्तित्व और जीवन मूल्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे, जिसे क्षेत्र के लोग लंबे समय तक स्मरण करते रहेंगे।
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