आधी उम्र लड़ाई में और आधा इंतज़ार में
एक अनोखा रिश्ता है ये बहनों का संसार में
खुश होती हैं ऐसे जैसे कोई मन्नत पूरी गई
जब भाई आ जाता है घर राखी के त्योहार में
दिल की हसरत इतनी होती कि भाई का हाथ मिले
मन की बगिया में फिर जैसे रंग बिरंगे फूल खिले
फूल खिले और प्यारा प्यारा रिश्तों का गुलदस्ता हो
बहनों का फिर कौन बिगाड़े जब भाई का साथ मिले
कोई नहीं मिलावट होती है बहनों के प्यार में
आधी उम्र लड़ाई में और आधा इंतज़ार में
बहन द्रौपदी के जीवन में श्रीकृष्णा सा भाई हो
और भाइयों के जीवन में रानी लक्ष्मीबाई हो
हे कान्हा जी सारी बहनें सारी रक्षाबंधन बाँध सकें
और किसी भी भाई की सूनी नहीं कलाई हो
भाई – बहन हैं नींव का पत्थर रिश्तों के आधार में
आधी उम्र लड़ाई में और आधा इंतज़ार में
काट के अपने दिल का टुकड़ा भाई विदा करता है
अपने घर के खालीपन को अश्कों भरता है
और चंद रुपयों की ख़ातिर बहना ताने सुनती है
बहनों के अंतः क्रंदन से भाई भी मरता है
आँखों में छपनेवाली क्यों छपती है अखबार में
आधी उम्र लड़ाई में और आधा इंतज़ार में
Happy Rakshabandhan
Jehanabad News: The real sweetness and mischief of brother-sister relationship have come together: Amritesh
Author: AK
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