जहानाबाद स्थित ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ के अवसर पर भव्य उत्सव और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई, उसके बाद देर शाम तक भंडारा चलता रहा, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है। कई श्रद्धालुओं का दावा है कि मंदिर का इतिहास लगभग 500 वर्षों से जुड़ा हुआ है। मंदिर में स्थापित पंचमुखी शिवलिंग इसकी विशेष पहचान है, जो बेहद दुर्लभ मानी जाती है। इसके साथ ही यहां सूर्य देव की प्रतिमा, श्रीराम-सीता-लक्ष्मण एवं भगवान गणेश की मूर्तियां भी स्थापित हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहां प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।
इस अवसर पर पूजा में शामिल रंजीत कुमार केसरी ने बताया कि उन्हें और उनकी पत्नी को लगातार दूसरे वर्ष पूजा में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी उन्होंने यहां पूजा-अर्चना की थी और उनकी कई मनोकामनाएं पूरी हुईं। इस बार भी दोनों ने मिलकर मंदिर में विशेष पूजा संपन्न की। गीता देवी ने अपने पति के साथ पूजा करते हुए कहा कि उन्हें यहां दंपति के रूप में पूजा करने का अवसर मिला, जो उनके लिए गर्व और खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि मंदिर में मांगी गई उनकी हर दुआ पूरी हुई है।
मंदिर के जीर्णोद्धार और सामाजिक सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिवक्ता रमेश प्रसाद ने बताया कि मंदिर के पुनर्निर्माण और मूर्तियों की पुनः स्थापना में काफी समय और जनसहयोग लगा। उन्होंने बताया कि श्रीराम, सीता और लक्ष्मण की नई प्रतिमाएं स्थापित कर विधिवत प्राण प्रतिष्ठा कराई गई थी। भगवान गणेश की प्रतिमा भी स्थापित की गई, जिसकी आज प्रथम वर्षगांठ मनाई गई।
मंदिर के पुजारी पंडित रविंद्र मिश्रा ने बताया कि यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां पंचमुखी शिवलिंग के साथ-साथ कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित हैं। उन्होंने कहा कि जिले में शांति, समृद्धि और अखंडता बनी रहे, इसी उद्देश्य से विशेष पूजा-अर्चना की गई।
पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति गीत, आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरे श्रद्धा भाव के साथ उत्सव में भाग लिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग का भी सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
Jehanabad News: Grand celebration on the first anniversary of Pran Pratishtha in Thakurbari temple, faith of the temple said to be hundreds of years old.
Author: Barun Kumar
I am Journalist covering News around Jehanabad and Bihar
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